पटना: बिहार विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को विधान परिषद परिसर के बाहर विपक्षी सदस्यों ने राज्य में बढ़ते अपराध को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और सरकार इस मुद्दे पर जवाब देने से बच रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में विपक्षी सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। राबड़ी देवी ने कहा कि राज्य में दुष्कर्म, हत्या और अपहरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। खासकर बच्चियों और महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों को लेकर उन्होंने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।
उन्होंने कहा कि “हर जिले में छोटी-छोटी बच्चियों और महिलाओं के साथ लगातार दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं। इस पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और स्पष्ट जवाब देना चाहिए।” उनका आरोप था कि अधिकारी तंत्र में भ्रष्टाचार व्याप्त है और अपराधियों पर लगाम लगाने में प्रशासन विफल साबित हो रहा है।
राबड़ी देवी ने सरकार के जवाबों को “गोलमटोल” बताते हुए कहा कि गंभीर मुद्दों पर भी स्पष्टता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही व्यवस्था है तो इसे किस तरह का “राम राज्य” कहा जा सकता है, जहां रोज हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हों।
विपक्ष ने यह भी कहा कि राज्य में आम लोगों में भय का माहौल है और अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। उनका दावा था कि सरकार की प्राथमिकता से कानून व्यवस्था का मुद्दा गायब है।
इसके अलावा राबड़ी देवी ने शराबबंदी की नीति की समीक्षा की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि राज्य में शराब की बिक्री पर रोक के बावजूद अवैध कारोबार जारी है और जहरीली शराब पीने से लोगों की मौत की घटनाएं सामने आती रही हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इस नीति की वास्तविक स्थिति की जांच करने की अपील की।
बजट सत्र के बीच हुए इस प्रदर्शन से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। अब देखना होगा कि सरकार विपक्ष के इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और कानून व्यवस्था को लेकर क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।