अररिया जिला मुख्यालय स्थित एनएच 27 पर तेरापंथ भवन के समीप कोशी पुल के पास बना गहरा गड्ढा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायतों और जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में मामला लाए जाने के बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा स्थायी मरम्मत नहीं कराई गई है। मानसून से पहले सड़क की यह स्थिति बड़े हादसे की आशंका को बढ़ा रही है। 
अररिया: राष्ट्रीय राजमार्ग 27 पर बने जानलेवा गड्ढे एनएचएआई की कार्यप्रणाली और सड़क रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित तेरापंथ भवन के पास कोशी पुल के समीप बना यह गड्ढा लगातार चौड़ा और गहरा होता जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले यह एक छोटा गड्ढा था, लेकिन समय पर मरम्मत नहीं होने और लगातार वाहन परिचालन के कारण अब यह खतरनाक रूप ले चुका है।
रोजाना हजारों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। सड़क पर अचानक बने गहरे गड्ढे के कारण बाइक सवारों, ई-रिक्शा चालकों तथा अन्य वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई बार वाहन चालक गड्ढे से बचने के प्रयास में संतुलन खो देते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों से कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
सड़क की बदहाल स्थिति पर उठ रहे सवाल
पूर्णिया-अररिया तथा अररिया-फारबिसगंज फोरलेन मार्ग के कई हिस्सों में सड़क की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गैयारी पंचायत से जिला मुख्यालय की ओर आने वाले मार्ग पर कई स्थानों पर बड़े गड्ढे और अधूरी मरम्मत के निशान देखे जा सकते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पर बने गड्ढों के कारण यात्रा जोखिमपूर्ण हो गई है। खासकर रात के समय और बारिश के दौरान दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।
मानसून से पहले मरम्मत की मांग तेज
क्षेत्र के लोगों और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून से पहले सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ सकती है। लोगों का यह भी कहना है कि टोल टैक्स में लगातार वृद्धि की जा रही है, लेकिन सड़क रखरखाव के स्तर पर अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर एनएचएआई को शीघ्र स्थायी मरम्मत कराने का निर्देश देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।