दिलीप बिश्वास, पलासी/अररिया:
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के सौ दिवसीय विशेष कार्यक्रम के तहत पलासी प्रखंड में जागरूकता का व्यापक अभियान शुरू किया गया। जिला प्रशासन अररिया के मार्गदर्शन में एक्सिस टू जस्टिस, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन और जागरण कल्याण भारती फारबिसगंज के संयुक्त तत्वाधान में जन जागरूकता रथ को सभी पंचायतों में भ्रमण और प्रचार-प्रसार के लिए रवाना किया गया।
रथ यात्रा के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, उससे जुड़े कानूनी प्रावधानों और किशोरियों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोगों को बताया गया कि कम उम्र में विवाह से न केवल शिक्षा बाधित होती है, बल्कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर का खतरा भी बढ़ जाता है।
प्रखंड बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति के सह-अध्यक्ष सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, पलासी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह के प्रति सजग रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी के बिना इस कुरीति को समाप्त करना संभव नहीं है। बाल विवाह की किसी भी सूचना के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर संपर्क किया जा सकता है।
वहीं, बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी, पलासी ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह की रोकथाम केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की तैयारी या आयोजन की जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें।
अभियान के तहत बचपन बचाओ आंदोलन के टोल फ्री नंबर 18001027222 और पुलिस हेल्पलाइन 112 पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
यह रथ यात्रा कार्यक्रम आगामी आठ मार्च तक संचालित रहेगा। प्रशासन और सामाजिक संगठनों का उद्देश्य है कि जन-जागरूकता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जाए और बाल विवाह जैसी कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सके।