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पटना में निजी विवाद को लेकर सियासी बयानबाज़ी तेज हो गई है। रोहिणी आचार्य ने आलोचकों पर तीखा हमला करते हुए निजी मामलों में दखल पर सवाल उठाए।
पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों निजी जीवन और बयानबाज़ी को लेकर माहौल गर्म बना हुआ है। इसी कड़ी में आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव से जुड़े विवादों के बीच उनकी बहन रोहिणी आचार्य का तीखा और भावनात्मक बयान सामने आया है, जिसने सियासी हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
रोहिणी आचार्य ने बिना किसी का नाम लिए उन लोगों पर निशाना साधा, जो दूसरों के निजी मामलों में दखल देते हैं और सार्वजनिक मंचों पर टीका–टिप्पणी करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि किसी की निजी जिंदगी में ताक–झांक वही लोग करते हैं, जिनके पास कोई काम नहीं होता या जिनकी नियत पर सवाल उठते हैं।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में रोहिणी आचार्य ने आलोचकों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कुछ लोग खुद को बिना फीस के वकील समझकर हर मुद्दे पर टिप्पणी करने लगते हैं। उनके अनुसार, ऐसे लोग केवल विवाद को बढ़ाने और माहौल बिगाड़ने का काम करते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान सीधे तौर पर तेज प्रताप यादव विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है, जिसने हाल के दिनों में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। वहीं विपक्षी दलों ने इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे राजनीतिक तनाव बढ़ाने वाला बताया है।
इधर, आरजेडी समर्थकों का कहना है कि निजी मामलों को सार्वजनिक बहस का विषय बनाना गलत है और इससे राजनीतिक संवाद की मर्यादा प्रभावित होती है। लगातार बढ़ती बयानबाज़ी के बीच बिहार की राजनीति में आरोप–प्रत्यारोप का दौर थमता नजर नहीं आ रहा है।