रानीगंज से केसीसी कवरेज की शुरुआत, सभी रजिस्टर्ड किसानों को जोड़ने का लक्ष्य

जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, बैंकों व कृषि विभाग को समन्वय के निर्देश

अररिया। जिले में किसानों तक केसीसी ऋण योजना का लाभ तेजी से पहुंचाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि प्रथम चरण में रानीगंज प्रखंड के सभी रजिस्टर्ड किसानों को योजना से आच्छादित किया जाए। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने समाहरणालय स्थित परमान सभागार में की, जहां वित्तीय वर्ष 2025-26 की कृषि योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

केसीसी कवरेज पर फोकस, बैंकों को लक्ष्यबद्ध कार्रवाई का निर्देश

बैठक में पाया गया कि किसानों तक ऋण सुविधा पहुंचाने में अब भी गति की कमी है। इस पर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना को प्राथमिकता देते हुए सभी पात्र किसानों को जोड़ना अनिवार्य होगा। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और रानीगंज के प्रखंड कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि सीएसपी केंद्रों के माध्यम से किसान सलाहकारों की मदद से आवेदन तैयार कर त्वरित रूप से बैंकों को भेजें। प्रशासन ने संकेत दिया कि इस मॉडल की सफलता के बाद इसे अन्य प्रखंडों में भी लागू किया जाएगा।

पशुपालन क्षेत्र में भी केसीसी विस्तार, फारबिसगंज पर विशेष नजर

बैठक में यह भी स्पष्ट हुआ कि केवल फसल ऋण ही नहीं, बल्कि पशुपालन क्षेत्र में भी केसीसी का दायरा बढ़ाया जाएगा। फारबिसगंज प्रखंड के लिए निर्देश जारी किए गए कि दुधारू गायों के पशुचारा हेतु किसानों के आवेदन तैयार कर बैंकिंग प्रणाली से जोड़े जाएं। इसके लिए प्रखंड कृषि पदाधिकारी और जिला पशुपालन पदाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने इस पहल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में अहम कदम बताया।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपनी प्रतिबद्धता जताई, लेकिन जमीनी स्तर पर सुस्ती को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी भी दी। कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य और उद्यान विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में तय किया गया कि योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

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