फारबिसगंज में खतरे की घंटी! टूटा तटबंध बना 16 हजार आबादी पर संकट

फारबिसगंज प्रखंड क्षेत्र के पिपरा पंचायत में परमान नदी का टूटा तटबंध बरसात से पहले स्थानीय लोगों की चिंता का कारण बन गया है। सीमांचल क्षेत्र का अररिया जिला हर वर्ष बाढ़ की मार झेलता है और नेपाल के तराई क्षेत्र में बारिश होते ही यहां की नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगता है। ऐसे में बीते वर्ष टूटे तटबंध की अब तक मरम्मत नहीं होना ग्रामीणों को भयभीत कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, बीते वर्ष पांच अक्टूबर की रात पिपरा पंचायत के सोताकात और टप्पू टोला के पास परमान नदी का तटबंध टूट गया था। इस घटना में इलाके में लाखों रुपये की क्षति हुई थी। हालांकि कई महीने बीत जाने के बाद भी टूटे हिस्से की मरम्मत शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि नेपाल में हल्की बारिश होने पर भी परमान नदी उफान पर आ जाती है, जिससे बाढ़ का खतरा और बढ़ जाता है।

ग्रामीणों में बढ़ी चिंता

स्थानीय मुखिया प्रत्याशी मोहम्मद हाफिज ने बताया कि टप्पू टोला के बीचोंबीच तटबंध टूटा हुआ है और यहां लगभग 15 से 16 हजार की आबादी निवास करती है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं कराया गया तो बरसात के दौरान भारी नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि बाढ़ के समय हालात नियंत्रण से बाहर हो सकते हैं और जान-माल दोनों को खतरा पैदा हो सकता है।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

समाजसेवी नरेश मंडल ने सरकार और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि हर वर्ष बाढ़ आने के बाद त्वरित मरम्मत और राहत कार्य के नाम पर सरकारी राशि खर्च होती है, लेकिन समय रहते स्थायी समाधान की दिशा में काम नहीं होता।

तटबंध मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने पर मो. हाफिज, ताहिर, यूनुस, सुभान, करीम, दिलसाद, संजू यादव और अजीज समेत सैकड़ों ग्रामीणों ने चिंता जताई है और जल्द निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *