पटना: बिहार में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। सुबह और शाम के समय तेज ठंड और कनकनी का असर महसूस किया जा रहा है। खासकर मधेपुरा, सुपौल और मधुबनी जिलों में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलिटी लगभग शून्य तक पहुंच गई। इसके कारण सड़कों पर चलने वाले वाहन चालकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और यातायात की रफ्तार धीमी हो गई।
पछुआ हवा के चलने से ठंड और ज्यादा चुभने लगी है। लोगों ने एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना शुरू कर दिया है। पिछले 24 घंटे के दौरान किशनगंज राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बक्सर और नालंदा में न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कई अन्य जिलों में भी घने कोहरे के कारण ट्रेनों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।
फरवरी 2026 का मौसम पिछले वर्षों की तुलना में अपेक्षाकृत शुष्क और स्थिर बना हुआ है। साल 2025 में इसी समय कई इलाकों में बादल और हल्की बारिश देखी गई थी, जबकि इस वर्ष अब तक बारिश कम हुई है। हालांकि तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे लोगों को मौसम का असर झेलना पड़ रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार 15 फरवरी को बिहार के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आ सकती है और सुबह-शाम की ठंड फिर बढ़ सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ के कारण कोहरा और ठंडी हवाएं चल रही हैं।