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बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष का जोरदार हंगामा जारी रहा, जबकि नितिन नबीन ने विकास और सुशासन पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।
पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन मंगलवार को सदन की कार्यवाही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और हंगामे के बीच चली। सदन में कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला करता रहा, जिससे दोनों सदनों में माहौल गरमाया रहा। स्थिति को शांत कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन विपक्ष का विरोध जारी रहा और अंततः विपक्षी सदस्य वॉकआउट कर गए।
सत्र के दौरान नितिन नबीन ने सदन में मिले सम्मान के लिए आभार जताया और अपने राजनीतिक सफर का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में पहली बार विधायक बनने के बाद जनता से लगातार जुड़ाव बनाए रखा। उनके अनुसार राज्य में विकास और सुशासन स्थापित करने की दिशा में सरकार ने लंबे समय तक काम किया है, जिसका परिणाम आज बिहार की बदली हुई छवि के रूप में दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में प्रधानमंत्री की सेवा भावना और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लागू सुशासन मॉडल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि जनता के बीच ऐसे काम किए जाएं जिन्हें लोग लंबे समय तक याद रखें और आगे भी राज्य के विकास में अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।
विपक्ष के आरोपों पर संसदीय कार्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि विपक्ष लगातार मुख्यमंत्री से जवाब मांग रहा है और सरकार हर सवाल का जवाब देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सदन में चर्चा के माध्यम से सभी मुद्दों का समाधान संभव है, लेकिन अनावश्यक हंगामा लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।