अररिया में 4.3 करोड़ की लागत से बना अत्याधुनिक मुक्तिधाम उद्घाटन के बाद भी बंद पड़ा है। नगर परिषद की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि आम लोगों को अब तक सुविधा नहीं मिल सकी है।
अररिया । अररिया नगर परिषद एक बार फिर अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक मुक्तिधाम का भव्य लोकार्पण किए जाने के बावजूद अब तक आम लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही है। ऐसे में नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, लगभग 4 करोड़ 30 लाख रुपये की लागत से तैयार इस अत्याधुनिक मुक्तिधाम का 11 मई को लोकार्पण किया गया था। उद्घाटन कार्यक्रम में अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। फीता काटकर परियोजना का उद्घाटन किया गया और इसे क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी सौगात बताया गया था।
मुक्तिधाम को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। यहां इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली के साथ-साथ पारंपरिक लकड़ी आधारित अंतिम संस्कार की भी व्यवस्था की गई है, ताकि लोगों को बेहतर और सुविधाजनक सेवा मिल सके। लेकिन उद्घाटन के कई दिन बाद भी परिसर आम लोगों के उपयोग के लिए शुरू नहीं किया जा सका है।
ऑपरेटर नहीं, इसलिए बंद पड़ा है परिसर
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, मुक्तिधाम के संचालन के लिए अब तक ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं की गई है। इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को संचालित करने के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की भी व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसी वजह से पूरा परिसर फिलहाल बंद पड़ा है और मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ है।
इस स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि जब संचालन की तैयारी पूरी नहीं थी, तब जल्दबाजी में उद्घाटन करने की क्या आवश्यकता थी। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जनता को सुविधा नहीं मिलना प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से जल्द से जल्द ऑपरेटर की नियुक्ति कर अत्याधुनिक मुक्तिधाम को आमजन के लिए शुरू करने की मांग की है, ताकि जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।
अररिया से संवाददाता की रिपोर्ट।
