अररिया में सनातन धर्म समर्थन में विहिप का आक्रोश मार्च, स्टालिन का पुतला दहन

अररिया में विहिप के नेतृत्व में सनातन धर्म के समर्थन में विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया। सांसद प्रदीप कुमार सिंह समेत भाजपा नेताओं ने स्टालिन के बयान के विरोध में पुतला दहन कर माफी की मांग उठाई।

अररिया । अररिया में रविवार को विश्व हिंदू परिषद के नेतृत्व में सनातन धर्म के समर्थन में विशाल आक्रोश मार्च निकाला गया। प्रदर्शन में सांसद प्रदीप कुमार सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा समेत बड़ी संख्या में भाजपा और विहिप कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने एमके स्टालिन के बयान को हिंदू आस्था के खिलाफ बताते हुए नाराजगी जताई और बयान वापस लेने की मांग की।

आक्रोश मार्च की शुरुआत काली बाजार चौक से हुई, जहां पहले सनातन धर्म के समर्थन में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि सनातन धर्म भारत की प्राचीन संस्कृति और जीवन मूल्यों की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि इसके खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करती हैं।

सभा के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक काली मंदिर चौक से चांदनी चौक तक मार्च में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान “जय श्री राम” और “सनातन धर्म अमर रहे” जैसे नारों से माहौल गूंजता रहा। कई स्थानों पर लोगों ने मार्च का समर्थन भी किया।

स्टालिन का पुतला दहन, आंदोलन की चेतावनी

चांदनी चौक पहुंचने के बाद विहिप और भाजपा कार्यकर्ताओं ने सांसद प्रदीप कुमार सिंह और भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा के नेतृत्व में एमके स्टालिन का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि स्टालिन सार्वजनिक रूप से सनातनियों से माफी मांगें और अपना बयान वापस लें।

भाजपा जिलाध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने कहा कि कुछ नेता विवादित बयान देकर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी देश की एकता और सामाजिक समरसता के लिए नुकसानदायक है।

विहिप के जिला मंत्री शुभम चौधरी ने कहा कि यदि भविष्य में भी सनातन धर्म के खिलाफ इस तरह की टिप्पणियां जारी रहीं तो देशव्यापी जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा विषय है और इसके अपमान को स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा।

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