अररिया नगर परिषद के ओम नगर में बन रही पीसीसी सड़क पर विवाद गहरा गया। स्टेमिट बोर्ड नहीं लगाने, बैडमिसाली की कम मोटाई और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए वार्डवासियों ने काम रुकवा दिया।
अररिया नगर परिषद क्षेत्र के ओम नगर में बन रही पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य वार्डवासियों के विरोध के बाद रोक दिया गया। स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में पारदर्शिता की कमी और गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हुए कार्य स्थल पर विरोध जताया।
वार्डवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण किस योजना के तहत किया जा रहा है, इसकी लागत कितनी है, सड़क कहां से कहां तक बनाई जानी है और निर्माण का मापदंड क्या निर्धारित है, इसकी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो स्टेमिट बोर्ड लगाया गया और न ही सूचना पट लगाया गया, जिससे आम नागरिकों को योजना की जानकारी मिल सके।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पहले बैडमिसाली की गई, जिसकी मोटाई मात्र दो इंच रखी गई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की चौड़ाई और ढलाई की मोटाई को लेकर भी स्पष्टता नहीं है। इसी कारण लोगों में नाराजगी बढ़ी और उन्होंने निर्माण कार्य रुकवा दिया।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सड़क के किनारे छह से सात इंच की माप दिखाई जा रही है, लेकिन फिटिंग के बाद ढलाई की मोटाई केवल चार से छह इंच की हो रही है। लोगों ने मांग की कि निर्माण कार्य निर्धारित स्टीमेट के अनुसार ही कराया जाए और इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से दी जाए।
इंजीनियर ने छह इंच बैडमिसाली की बताई जरूरत
मामले में नगर परिषद के इंजीनियर विकास कुमार ने बताया कि सड़क निर्माण में बैडमिसाली की मोटाई कम से कम छह इंच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस निर्माण कार्य की संवेदक सुशीला साह हैं। वहीं, संवेदक के पुत्र अंकित ने मामले पर कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार किया। बोर्ड नहीं लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसे लगवा दिया जाएगा।
पारदर्शिता की मांग पर अड़े वार्डवासी
वार्डवासियों ने कहा कि यदि स्टीमेट में दो इंच बैडमिसाली का प्रावधान है तो उसी के अनुसार कार्य किया जाए, लेकिन निर्माण प्रक्रिया और मापदंड सार्वजनिक होना जरूरी है। लोगों ने नगर परिषद से योजना की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने और गुणवत्ता मानकों के अनुसार निर्माण कराने की मांग की।
