अररिया जिले के 71 बच्चों का सुरक्षित पुनर्वास जिला प्रशासन की निगरानी में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ये सभी बच्चे उड़ीसा के कटक क्षेत्र से रेस्क्यू किए गए थे, जिन्हें अब विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत उनके माता-पिता एवं अभिभावकों को सौंप दिया गया है। प्रशासनिक तत्परता और विभिन्न विभागों के समन्वय से यह प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से संपन्न हुई।
जानकारी के अनुसार, बच्चों के कटक में पाए जाने की सूचना मिलते ही जिला पदाधिकारी के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इसके बाद विभागीय प्रावधानों के अनुरूप सभी बच्चों का सामाजिक अन्वेषण प्रतिवेदन (SIR) तैयार किया गया और इसे कटक जिला प्रशासन को भेजा गया। इस दौरान अररिया और कटक प्रशासन के बीच लगातार समन्वय बनाए रखा गया ताकि बच्चों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित हो सके।
कटक प्रशासन के सहयोग से बच्चों की सुरक्षित वापसी
कटक जिला प्रशासन की मदद से सभी बच्चों को समुचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ बस के माध्यम से बिहार रवाना किया गया। 14 मई 2026 को सभी बच्चे अररिया पहुंचे। आगमन के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष बच्चों को प्रस्तुत किया गया, जहां विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें उनके अभिभावकों के सुपुर्द किया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। साथ ही विशेष आवश्यकता वाले बच्चों (CNCP) को सरकार द्वारा संचालित सभी सुविधाएं नियमों के अनुरूप उपलब्ध कराने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी बच्चों के संरक्षण और पुनर्वास को लेकर संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई जारी रहेगी।
