अररिया/सिकटी: सीमांचल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती घुसपैठ और अवैध अतिक्रमण के मुद्दे पर स्पष्ट और सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि बिहार की जनता से किया गया वादा केवल चुनावी घोषणा नहीं, बल्कि सरकार की प्रतिबद्धता है। उन्होंने दो टूक कहा कि “एक-एक घुसपैठिए की पहचान कर उसे देश से बाहर किया जाएगा। देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।”
गृह मंत्री सिकटी प्रखंड के लेटी गांव स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 52वीं बटालियन के बीओपी भवन के उद्घाटन-सह-लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। वे हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे। मौके पर सांसद प्रदीप कुमार सिंह, विधायक विजय कुमार मंडल, विधायक देवंती यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय और बिहार के उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी की भी उपस्थिति रही।
सीमा सुरक्षा में आधुनिक ढांचे पर जोर
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल और भारत-भूटान सीमा की सुरक्षा में तैनात एसएसबी के जवान कठिन परिस्थितियों में कर्तव्य निभाते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से लैस बीओपी भवन जवानों के कार्य को और प्रभावी बनाएंगे। उन्होंने बताया कि दो नए बीओपी भवनों के लोकार्पण से सीमा निगरानी और अधिक सुदृढ़ होगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार की है। इसका लाभ एसएसबी को भी मिल रहा है। जवानों के आवास, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण से जुड़ी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
सीमा सड़क और विकास योजनाओं पर फोकस
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि एसएसबी से संबंधित करीब 175 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का भूमिपूजन और लोकार्पण किया गया है। इसके साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर 2496 करोड़ रुपये की लागत से 554 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य चल रहा है। 18 में से 14 खंडों का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष पर तेजी से काम जारी है।
उन्होंने कहा कि इस सड़क निर्माण से सुरक्षा बलों की आवाजाही आसान होगी और सीमावर्ती गांवों के लोगों को भी आवागमन में सहूलियत मिलेगी। सीमांचल के दूरदराज इलाकों में विकास की रफ्तार तेज करने का प्रयास किया जा रहा है।
खुली सीमा पर निगरानी चुनौतीपूर्ण
गृह मंत्री ने कहा कि खुली सीमा की निगरानी, बाड़युक्त सीमा की तुलना में अधिक जटिल है। इसके लिए मजबूत सूचना तंत्र, सीमावर्ती गांवों से समन्वय और पड़ोसी देशों के सुरक्षा बलों के साथ सहयोग जरूरी है। उन्होंने एसएसबी के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए जाने की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत-नेपाल सीमा की 1751 किलोमीटर और भारत-भूटान सीमा की 499 किलोमीटर सुरक्षा की जिम्मेदारी एसएसबी के पास है। सुरक्षा के साथ-साथ सीमावर्ती गांवों में सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। ‘वाइब्रेंट विलेज-2’ योजना के तहत सीमावर्ती गांवों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान
घुसपैठ के मुद्दे पर गृह मंत्री ने कहा कि केवल मतदाता सूची से नाम हटाना पर्याप्त नहीं है। अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सीमा से 10 किलोमीटर के दायरे में अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया गया है, जिसके लिए संबंधित मंत्रालयों और बिहार सरकार से सहमति ली गई है।
उन्होंने जनसांख्यिकीय परिवर्तन की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति गठित करने की जानकारी भी दी। सीमावर्ती क्षेत्रों में इसकी विशेष समीक्षा की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि देश की सुरक्षा सर्वोपरि है और इस पर किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उनके स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि देश की एकता और अखंडता की रक्षा ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
