अररिया में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को धरातल पर उतारने वाले आवास सहायक अब अपने ही हक के लिए संघर्षरत हैं। मंगलवार को हड़ताल के दूसरे दिन कलेक्ट्रेट परिसर में धरना जारी रहा, जिसे 20 फरवरी तक बढ़ा दिया गया है। राज्य ग्रामीण आवास कर्मी संघ के बैनर तले कर्मी आठ माह से लंबित मानदेय भुगतान, मानदेय पुनरीक्षण और राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। संघ का कहना है कि पांच सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट अब तक लागू नहीं की गई है।
जिलाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार ने बताया कि जिले में करीब 140 कर्मी कार्यरत हैं, जो लाभुकों के चयन से लेकर निर्माण कार्य की निगरानी तक जिम्मेदारी निभाते हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा। आर्थिक तंगी से जूझते कर्मियों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन हड़ताल होगी। कई ने कहा—अब भूखमरी और आत्महत्या ही आखिरी विकल्प बचा है।