पलासी (अररिया): अररिया जिले के पलासी थाना क्षेत्र के मजलिसपुर पंचायत अंतर्गत चण्डीपूर गांव में सोमवार को एक हृदयविदारक हादसे में बेटे की जान बचाने की कोशिश कर रही एक महिला की डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण पीड़ित परिवार को सरकारी सहायता और मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
बेटे को बचाने की कोशिश बनी आखिरी सफर
जानकारी के अनुसार, चण्डीपूर निवासी संतोष पासवान की 36 वर्षीय पत्नी नूतन देवी अपने बच्चों के साथ सुरकिया धार में स्नान करने गई थीं। इसी दौरान उनका करीब 10 वर्षीय बेटा अचानक गहरे पानी में चला गया। बेटे को डूबता देख नूतन देवी बिना देर किए उसे बचाने के लिए गहरे पानी में उतर गईं। बेटे को बचाने के प्रयास में वह स्वयं तेज बहाव और गहराई की चपेट में आ गईं।
बच्चों और आसपास मौजूद लोगों के शोर मचाने पर ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और काफी देर तक खोजबीन की। काफी मशक्कत के बाद महिला को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे के बाद पूरे चण्डीपूर गांव में मातम पसरा हुआ है। नूतन देवी अपने पीछे 10 वर्षीय पुत्र और 8 वर्षीय पुत्री को छोड़ गई हैं। घटना के समय उनके पति संतोष पासवान और ससुर रामेश्वर पासवान उर्फ टेंटू पासवान दिल्ली में मजदूरी करने गए हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि गांव की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की जानकारी मिलने पर ग्राम पंचायत के मुखिया प्रभुचंद बिश्वास मौके पर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासन से पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी मुआवजा और हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
ग्रामीणों ने भी इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से परिवार की आर्थिक मदद और बच्चों के भविष्य को देखते हुए विशेष सहायता देने की अपील की है। गांव में इस घटना की चर्चा हर ओर है और लोग इसे एक मां के अद्वितीय त्याग और ममता का प्रतीक बता रहे हैं।
पलासी (अररिया) से दिलीप बिश्वास की रिपोर्ट।