अररिया जिला मुख्यालय में वर्षों से लंबित बस स्टैंड की मांग अब सोशल मीडिया अभियान के जरिए जनआंदोलन का रूप लेती दिखाई दे रही है। महिला कल्याण समिति, अररिया की ओर से शुरू किए गए “अररिया मांगे अपना बस स्टैंड” सेल्फी कैंपेन में बड़ी संख्या में लोग जुड़ रहे हैं। सेल्फी प्वाइंट पर पहुंचकर नागरिक अपनी तस्वीरें साझा कर रहे हैं और एक व्यवस्थित बस स्टैंड निर्माण की मांग को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ा रहे हैं।
सेल्फी प्वाइंट बना जनजागरण का माध्यम
अररिया। अररिया में बस स्टैंड निर्माण की मांग लंबे समय से स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय रही है। वर्तमान व्यवस्था के कारण यात्रियों, वाहन चालकों और आम नागरिकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी मुद्दे को लेकर महिला कल्याण समिति ने जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से सेल्फी कैंपेन की शुरुआत की।
अभियान के तहत लगाए गए सेल्फी प्वाइंट पर लोग पहुंचकर “अररिया मांगे अपना बस स्टैंड” संदेश के साथ तस्वीरें ले रहे हैं। इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है, जिससे यह अभियान शहर से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच रहा है।
समिति सदस्य सुष्मिता ठाकुर ने बताया कि अररिया जैसे जिला मुख्यालय में एक आधुनिक और व्यवस्थित बस स्टैंड की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से आम लोगों की मांग को जिला प्रशासन, बिहार सरकार और केंद्र सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वहीं समिति सदस्य ज्योति भगत ने कहा कि डिजिटल माध्यम वर्तमान समय में जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को उठाने का प्रभावी मंच बन गया है। लोगों की बढ़ती भागीदारी से अभियान को व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक सेल्फी इस मांग के प्रति नागरिकों की भागीदारी और उम्मीद का प्रतीक बन रही है।
महिलाओं, युवाओं और आम नागरिकों की बढ़ी भागीदारी
अभियान की खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं, युवाओं, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सेल्फी प्वाइंट पर पहुंचने वाले लोगों ने बस स्टैंड निर्माण की मांग से जुड़े संदेश के साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया।
अभियान में सुष्मिता ठाकुर, ज्योति भगत, पूनम यादव, ममता देवी, नवीन यादव, गंगा ऋषि देव, ओमप्रकाश, सोनू प्रतीक राय, अंकित गुप्ता, डॉ. इंदुभूषण ‘बुलबुल’, सफाउर रहमान उर्फ लड्डू, इम्तियाज, अनीश लड्डू और अमर कुमार सहित कई लोगों ने भागीदारी की।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला बनने के कई वर्षों बाद भी अररिया में एक समुचित बस स्टैंड का अभाव यात्रियों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। उनका मानना है कि एक आधुनिक बस स्टैंड बनने से यातायात व्यवस्था बेहतर होगी और शहर के विकास को भी गति मिलेगी।
सोशल मीडिया से शुरू हुआ यह अभियान अब लोगों की सामूहिक आवाज के रूप में सामने आ रहा है। नागरिकों की नजर अब इस बात पर है कि यह डिजिटल आंदोलन प्रशासनिक स्तर पर कितना प्रभाव डालता है और अररिया को लंबे समय से प्रतीक्षित बस स्टैंड कब तक मिल पाता है।