समाहरणालय में जिला व चार्ज स्तर के अधिकारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण, मई में शुरू होगा मकान सूचीकरण व मकानों की गणना कार्य
अररिया। भारत की जनगणना 2027 के पहले चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना को लेकर अररिया में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिला एवं चार्ज स्तर के अधिकारियों और शासकीय कर्मियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया। यह प्रशिक्षण 12 मार्च से 17 मार्च 2026 तक दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना के पहले चरण से जुड़े कार्यों को सही, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए अधिकारियों और कर्मियों को तैयार करना है। इस दौरान उन्हें जनगणना प्रक्रिया, तकनीकी पहलुओं और फील्ड में कार्य के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
सटीक आंकड़े विकास योजनाओं की आधारशिला
प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान जिला पदाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी विनोद दूहन ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है, जिसके माध्यम से जनसंख्या, आवासीय स्थिति और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े अहम आंकड़े प्राप्त होते हैं।
उन्होंने कहा कि मकान सूचीकरण और मकानों की गणना जनगणना की प्रक्रिया का पहला और अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है। इसी चरण के आधार पर आगे की जनगणना की कार्यवाही सुचारू रूप से संचालित होती है।
जिला प्रशासन ने प्रशिक्षण में शामिल अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों को गंभीरता से समझें और फील्ड में काम करते समय पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशासन का मानना है कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े सरकार की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए इसमें किसी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
तकनीकी प्रशिक्षण और वेब एप्लिकेशन का उपयोग
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जनगणना कार्य निदेशालय बिहार, पटना से नामित अधिकारी पंकज कुमार और रोहित कुमार ने प्रतिभागियों को जनगणना प्रक्रिया के तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस चरण में आवासीय इकाइयों का सटीक आंकड़ा संकलित करना सबसे महत्वपूर्ण कार्य होता है।
प्रशिक्षण में अधिकारियों को सीएमएमएस पोर्टल और एचएलबीसी वेब एप्लिकेशन के उपयोग सहित डिजिटल प्रणाली के बारे में भी जानकारी दी जा रही है, ताकि फील्ड स्तर पर डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक सटीक और प्रभावी हो सके। साथ ही संभावित चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
जनगणना 2027 का पहला चरण 2 मई से 31 मई 2026 तक संचालित होगा, जबकि नागरिकों के लिए 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला एवं प्रखंड स्तर के कई अधिकारी और कर्मी शामिल हुए।