कैमूर:- जिले के मोहनिया स्थित महाराणा प्रताप कॉलेज में आयोजित महाराणा प्रताप राज्यारोहण कार्यक्रम में बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव और पूर्व मंत्री संतोष सिंह शामिल हुए। कार्यक्रम में ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रवाद पर चर्चा के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज रही।
समारोह के दौरान कृषि मंत्री ने विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी और विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया।
कांग्रेस पर हमला, प्रधानमंत्री के बयान से जताई सहमति
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने प्रधानमंत्री के हालिया बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पहले इंडियन नेशनल कांग्रेस की जो पहचान थी, वह अब बदल चुकी है। उनके अनुसार, पार्टी की विचारधारा में बड़ा परिवर्तन आया है और जनता इसे देख रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में कांग्रेस की सोच संकुचित हुई है। मंत्री ने आरोप लगाया कि पार्टी अब अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की टिप्पणी वास्तविक स्थिति को दर्शाती है और देश की जनता इस बदलाव को समझ चुकी है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें कांग्रेस की विचारधारा को मुद्दा बनाया जा रहा है।
केजरीवाल पर टिप्पणी, दिल्ली मॉडल पर उठाए सवाल
दिल्ली की राजनीति पर बोलते हुए कृषि मंत्री ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता ने अवसर दिया, लेकिन उसका सही उपयोग नहीं हुआ। उनके अनुसार, दिल्ली में विकास की गति अपेक्षित स्तर पर नहीं रही और अब सहानुभूति की राजनीति की जा रही है।
मंत्री ने कहा कि हार के बाद भावनात्मक अपील से जनता का समर्थन वापस नहीं मिलता। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन के दौरान कई अवसर गंवाए गए, जिसका परिणाम चुनावी पराजय के रूप में सामने आया।
असम में फिर भाजपा सरकार बनने का दावा
असम विधानसभा चुनाव से पहले प्रस्तावित जन आशीर्वाद यात्रा पर बोलते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि पार्टी जनता के बीच जाएगी और पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों को सामने रखेगी।
उन्होंने कहा कि असम में पहले हिंसा, अस्थिरता और भ्रष्टाचार का माहौल था, लेकिन अब स्थिति बदली है। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास कार्य हुए हैं और राज्य अमन-शांति की ओर बढ़ा है। मंत्री ने भरोसा जताया कि इस बार भी वहां भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनेगी।
तेजस्वी यादव पर तंज, राज्यसभा चर्चा पर सवाल
तेजस्वी यादव के संभावित राज्यसभा जाने की चर्चा पर मंत्री ने कहा कि उन्हें इस संबंध में औपचारिक जानकारी नहीं है, लेकिन यदि ऐसा है तो यह बिहार की राजनीति के लिए विचारणीय विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का नेतृत्व करने वाले नेता को राज्य की जनता के बीच सक्रिय रहना चाहिए। मंत्री ने दावा किया कि जनता का भरोसा कम हुआ है और राजनीतिक आधार पहले जैसा नहीं रहा।
कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं ने मंत्री के वक्तव्यों का समर्थन किया, जबकि विपक्षी दलों के स्थानीय नेताओं ने इन बयानों को चुनावी बयानबाज़ी बताया।
मोहानिया के इस आयोजन में ऐतिहासिक गौरव के साथ-साथ समकालीन राजनीति की गूंज भी साफ सुनाई दी।
