अररिया। जिले में बाल विवाह रोकथाम को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई है। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के सौ दिवसीय विशेष कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में एक्सिस टू जस्टिस, जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन और जागरण कल्याण भारती, फारबिसगंज के संयुक्त तत्वावधान में जनजागरूकता रथ को सभी पंचायतों के लिए रवाना किया गया।
यह रथ यात्रा गांव-गांव जाकर लोगों को बाल विवाह के खिलाफ जागरूक करेगी। अभियान के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों ने आमजन से अपील की कि वे बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति सजग रहें और इसे रोकने में अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं।
अभियान के तहत लोगों को बताया जा रहा है कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। कम उम्र में विवाह से मातृ मृत्यु दर, कुपोषण और घरेलू हिंसा जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। इसलिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 112 और बचपन बचाओ आंदोलन के टोल फ्री नंबर 18001027222 पर दी जा सकती है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
रथ यात्रा का यह कार्यक्रम आठ मार्च तक संचालित रहेगा। अभियान के दौरान पंचायत स्तर पर बैठकें, नुक्कड़ संवाद और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को कानून के प्रावधानों और बाल विवाह के दुष्परिणामों की जानकारी दी जाएगी।
जिला प्रशासन ने दोहराया कि बाल विवाह की रोकथाम केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जनसहभागिता से ही इस कुप्रथा को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।