बेगूसराय: बिहार में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के दावों के बीच होमगार्ड बहाली को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गृह रक्षा वाहिनी चयन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता के आरोपों के बाद गृह विभाग ने बेगूसराय के तत्कालीन जिला समादेष्टा (डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट) अखिलेश कुमार ठाकुर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
जिले में हाल ही में संपन्न हुई होमगार्ड भर्ती के दौरान चयन प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों और स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि चयन मानकों में अनैतिक तरीके से बदलाव किया गया और मेधा सूची तैयार करने में पारदर्शिता नहीं बरती गई। शिकायतों के आधार पर गृह विभाग ने आंतरिक जांच करवाई।
जांच रिपोर्ट में कई गंभीर बिंदु सामने आए। बताया गया कि विभागीय दिशा-निर्देशों की अनदेखी कर कुछ अयोग्य अभ्यर्थियों को लाभ पहुंचाने की कोशिश की गई। इसके अलावा मेरिट लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में भी कथित हेरफेर के संकेत मिले।
कार्रवाई के तहत निलंबन अवधि में अखिलेश कुमार ठाकुर का मुख्यालय पटना स्थित होमगार्ड निदेशालय निर्धारित किया गया है। यह कदम स्पष्ट संकेत देता है कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार या पैरवी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सिर्फ निलंबन तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि इस कथित भर्ती घोटाले में अन्य अधिकारी या बिचौलिए भी शामिल हो सकते हैं।
सरकार का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया की पवित्रता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे और सख्त कार्रवाई संभव है।
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर बिहार में सरकारी नियुक्तियों की पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि समय पर सख्ती नहीं बरती गई तो योग्य उम्मीदवारों का भविष्य दांव पर लगता रहेगा। अब सबकी निगाहें अंतिम जांच रिपोर्ट और संभावित अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।