दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ
अररिया : जिला कृषि कार्यालय परिसर में आत्मा अररिया द्वारा आयोजित दो दिवसीय किसान मेला सह कृषि प्रदर्शनी का शुभारंभ सोमवार को दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने किया। मेले में समेकित कृषि प्रणाली मॉडल का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जो किसानों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए प्रगतिशील किसानों द्वारा लाए गए उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने किसानों को जलवायु के अनुसार फसल एवं प्रभेद के चयन की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायुगत विषमता से निपटने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाना जरूरी है। किसानों को बाजार उन्मुखी फसल जैसे मूंगफली, राजमा, मखाना, स्ट्रोबेरी सहित अन्य लाभकारी फसलों के क्षेत्र विस्तार पर जोर देने की बात कही, ताकि उनकी आमदनी में वृद्धि हो सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में जल संसाधन की कमी नहीं है, लेकिन जल उपयोग क्षमता बढ़ाने के लिए ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को अपनाना आवश्यक है। इसके साथ ही Agristack योजना के तहत किसानों को डिजिटल पहचान उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रहे कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों की सराहना की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित संयुक्त निदेशक, शस्य, पूर्णिया प्रमंडल ने फार्मर रजिस्ट्री में जिले की प्रगति को सराहा। उन्होंने किसानों से फसलों में उर्वरक का संतुलित प्रयोग करने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
जिला कृषि पदाधिकारी सह परियोजना निदेशक, आत्मा अररिया ने बताया कि मेले में कुल 32 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें कृषि एवं संबद्ध विभागों के अलावा जीविका समूह, जिले के एफपीओ, आत्मा द्वारा संचालित खाद्य सुरक्षा समूह तथा फूलों के पौधों के स्टॉल शामिल हैं। मेले में विभिन्न योजनाओं और तकनीकों की विस्तृत जानकारी किसानों को दी जा रही है।
विशेष पहल के तहत मेले में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। यह पहल सामाजिक सरोकार और कृषि कार्यक्रम के समन्वय का उदाहरण बनी।
कार्यक्रम के दौरान प्राकृतिक खेती से जुड़ी कृषि सखी को प्रोत्साहन राशि से संबंधित चेक प्रदान किया गया। वहीं किसान क्रेडिट कार्ड के दो लाभार्थियों को ऋण वितरण किया गया। समग्र गव्य विकास योजना के तहत चार किसानों को अनुदान राशि के चेक सौंपे गए। इसी क्रम में मत्स्य संपदा योजना के तहत तालाब निर्माण के लिए एक किसान को अनुदान स्वीकृति पत्र प्रदान किया गया।
मेले में भाग लेने वाले किसानों के उत्कृष्ट उत्पादों का मूल्यांकन कर उन्हें पुरस्कृत किए जाने की घोषणा भी की गई। इससे किसानों में नवाचार और प्रतिस्पर्धा की भावना को बल मिलेगा। मंच संचालन उप परियोजना निदेशक, आत्मा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर कृषि विभाग के विभिन्न अधिकारी, कृषि समन्वयक, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक तथा बामेती पटना के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
दो दिवसीय यह किसान मेला न केवल कृषि तकनीक के प्रसार का मंच बना, बल्कि किसानों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ने का प्रभावी माध्यम भी साबित हो रहा है।
