आरएस नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या तीन स्थित मोमीन टोला में रेलवे प्रशासन द्वारा वर्षों पुराने सार्वजनिक आवागमन मार्ग को बंद किए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का दावा है कि यह रास्ता करीब 100 वर्षों से इस्तेमाल में है और चार पीढ़ियों के आवागमन का प्रमुख साधन रहा है। वहीं, रेलवे प्रशासन जमीन को अपनी संपत्ति बताते हुए नियमानुसार घेराबंदी की कार्रवाई कर रहा है। घटनास्थल पर तनाव को देखते हुए आरपीएफ और आरएस थाना पुलिस की तैनाती की गई है।
अररिया: अररिया आरएस नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या तीन स्थित मोमीन टोला में रेलवे प्रशासन की ओर से रास्ता बंद किए जाने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए जिला प्रशासन और रेलवे के उच्चाधिकारियों से पुराने रास्ते को तत्काल खोलने की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार, उनके पूर्वज करीब 100 वर्ष पहले इस इलाके में आकर बसे थे। वर्तमान में यहां उनकी चौथी पीढ़ी निवास कर रही है। उनका कहना है कि रेलवे स्टेशन से सटे इस मार्ग का उपयोग दशकों से बाजार, अस्पताल, स्कूल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए किया जाता रहा है। रास्ता बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और रोजमर्रा के आवागमन में गंभीर परेशानी होने की आशंका है।
स्थानीय लोगों का दावा है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों नागरिक और रेलकर्मी आवागमन करते हैं। ऐसे में रास्ते को बंद किया जाना जनजीवन को प्रभावित करने वाला फैसला है।
इस कार्रवाई से वार्ड पार्षद रीता राय का आवास भी प्रभावित हुआ है। पार्षद ने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के रास्ता बंद कर दिया और लोगों के लिए सुगम वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की।
रीता राय के मुताबिक, वर्ष 2023 में बातचीत के बाद पांच फीट का रास्ता छोड़ा गया था, लेकिन अब उसे भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने इस मामले में कटिहार रेल मंडल प्रबंधक (डीआरएम) को लिखित आवेदन देने की बात कही।
दूसरी ओर, रेलवे प्रशासन का कहना है कि संबंधित जमीन रेलवे की है और नियमानुसार घेराबंदी की जा रही है। रेलवे की ओर से वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की बात भी कही जा रही है।
विवाद के बीच विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर आरपीएफ और आरएस थाना पुलिस के जवान तैनात रहे।