भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ–अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत जोगबनी नगर स्थित अग्रसेन भवन में प्रबुद्ध जन संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन असहमति व्यक्त करने के नाम पर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोकतंत्र की गरिमा और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रबुद्ध वर्ग से आगे आने की अपील की।
अररिया: जोगबनी में आयोजित प्रबुद्ध जन संवाद कार्यक्रम में लोकतंत्र, संवैधानिक मूल्यों और राजनीतिक मर्यादाओं को लेकर चर्चा हुई। भारतीय जनता पार्टी की ओर से चलाए जा रहे ‘लोकतंत्र बचाओ–अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत नगर स्थित अग्रसेन भवन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें अररिया के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने भाग लिया और प्रबुद्धजनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दों पर संवाद किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों और मर्यादाओं को भूल चुकी है। लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है और अलग-अलग विचारों का सम्मान भी इसकी बुनियादी विशेषता है। लेकिन मतभेदों को व्यक्त करने के दौरान संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा का ध्यान रखना जरूरी है।
सांसद ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने या सरकार बनाने तक सीमित नहीं है। इसकी वास्तविक मजबूती संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं, शांतिपूर्ण संवाद और जनता की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति के लिए पर्याप्त स्थान होता है, लेकिन असहमति व्यक्त करने का तरीका भी लोकतांत्रिक मर्यादाओं के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में समाज के प्रबुद्ध वर्ग की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और जागरूक नागरिक समाज में सही जानकारी पहुंचाने तथा सकारात्मक संवाद को बढ़ावा देने में अहम योगदान दे सकते हैं। ऐसे लोगों की जिम्मेदारी है कि वे लोकतंत्र के प्रति लोगों को जागरूक करें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाएं।
प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ–अराजकता हटाओ’ अभियान का उद्देश्य लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और समाज के विभिन्न वर्गों के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होगा, जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ संवैधानिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक रहेंगे।
सांसद ने उपस्थित लोगों से लोकतंत्र की गरिमा, सामाजिक समरसता और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए केवल राजनीतिक दलों की भूमिका पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक की सहभागिता भी जरूरी है।
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण झा और जोगबनी नगर परिषद की चेयरमैन रानी देवी सहित पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने लोकतंत्र, सामाजिक समरसता और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के माध्यम से भाजपा ने प्रबुद्ध वर्ग के बीच लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं को लेकर अपनी बात रखी।