विश्व प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में साधक सरोजनंद जी महाराज उर्फ नानू बाबा के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर नानू बाबा का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस मौके पर काली मंदिर में मां खड्गेश्वरी को महाभोग अर्पित किया जाएगा और मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है।
अररिया। विश्व प्रसिद्ध मां खड्गेश्वरी महाकाली मंदिर में साधक सरोजनंद जी महाराज उर्फ नानू बाबा के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक तरीके से सजाया जा रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
नानू बाबा के शिष्य अरुण मिश्रा ने बताया कि भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी के दिन ही मां खड्गेश्वरी के साधक नानू बाबा का जन्म हुआ था। इसी कारण भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव के साथ नानू बाबा का जन्मोत्सव भी विशेष रूप से मनाया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान मां खड्गेश्वरी को महाभोग लगाया जाएगा। मंदिर परिसर में धार्मिक आयोजन की तैयारियां पूरी करने के लिए श्रद्धालु और नानू बाबा के शिष्य जुटे हुए हैं। मंदिर को सजाने का काम भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि जन्मोत्सव के मौके पर श्रद्धालुओं को विशेष धार्मिक माहौल मिल सके।
जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में मां काली की पूजा-अर्चना के साथ महाभोग का आयोजन किया जाएगा। आयोजन को लेकर नानू बाबा के शिष्यों और मंदिर से जुड़े लोगों में उत्साह है। उनका कहना है कि जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर मां खड्गेश्वरी का दर्शन करेंगे और नानू बाबा के दीर्घायु जीवन की कामना करेंगे।
धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की भागीदारी को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार जन्मोत्सव के दिन मंदिर में विशेष पूजा और भोग अर्पण की परंपरा निभाई जाएगी।
भक्ति की लौ जले, आस्था का दीप सजे,
मां खड्गेश्वरी के दरबार में हर मन की मुराद सजे।
नानू बाबा के जन्मोत्सव को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन से जुड़े शिष्यों ने श्रद्धालुओं से मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल होने और मां खड्गेश्वरी से नानू बाबा के दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करने की अपील की है।
नोट: उपलब्ध सूचना में भगवान कृष्ण की जन्माष्टमी के लिए 4 सितंबर और जन्मोत्सव/महाभोग के लिए 5 सितंबर का उल्लेख है। प्रकाशन से पहले तिथि की आधिकारिक पुष्टि करना उचित होगा।