सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई को और तेज करने का निर्णय लिया है। Narco Coordination Centre (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक में प्रशासन, पुलिस, एसएसबी, मद्य निषेध विभाग तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाने, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी मजबूत करने और जनजागरूकता अभियान को व्यापक बनाने पर जोर दिया गया।
अररिया, 30 जुलाई। सीमावर्ती जिले अररिया में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। Narco Coordination Centre (NCORD) की जिला स्तरीय बैठक में नशा तस्करी पर रोक, सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी, अवैध कारोबार के विरुद्ध संयुक्त अभियान तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक की संयुक्त अध्यक्षता जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने की। बैठक में सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई, गिरफ्तारी और जब्ती की प्रक्रिया को तेज करने के साथ-साथ संबंधित एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और मजबूत बनाने पर बल दिया गया।
बैठक के दौरान जिला औषधि निरीक्षक को निर्देश दिया गया कि एसएसबी, पुलिस एवं मद्य निषेध विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर औषधि दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए। उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाओं का दुरुपयोग या अवैध रूप से नशीले पदार्थों की उपलब्धता पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
अधीक्षक मद्य निषेध को एसएसबी द्वारा चिन्हित संवेदनशील स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का मानना है कि तकनीकी निगरानी से सीमावर्ती क्षेत्रों में संदिग्ध गतिविधियों पर अधिक प्रभावी ढंग से नजर रखी जा सकेगी।
बैठक में एसएसबी और पुलिस विभाग को निर्देशित किया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही इस अवैध कारोबार से जुड़े मुख्य व्यक्तियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को जब्ती और गिरफ्तारी की कार्रवाई में तेजी लाने तथा तस्करी के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए समन्वित रणनीति अपनाने के निर्देश दिए गए।
जिला कृषि पदाधिकारी को भी सीमावर्ती क्षेत्रों में कृषि से संबंधित किसी भी संदिग्ध अथवा अवैध भंडारण पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर एसएसबी और पुलिस विभाग का सहयोग लेकर जांच और कार्रवाई करने को कहा गया।
बैठक में पुलिस विभाग, मद्य निषेध विभाग, एसएसबी, आईबी तथा अन्य संबंधित एजेंसियों को नशा मुक्ति और मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में समयबद्ध अनुसंधान कर न्यायालय में शीघ्र आरोप पत्र समर्पित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित हो सके।
जिला पंचायत राज पदाधिकारी एवं जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में नशा विरोधी अभियान चलाने तथा आम लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए। बैठक में कहा गया कि नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए विभागीय समन्वय, सतत निगरानी और जनसहभागिता आवश्यक है। सीमावर्ती जिले होने के कारण सभी संबंधित एजेंसियों को पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करते हुए किसी भी अवैध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, समादेष्टा एसएसबी 52वीं एवं 56वीं वाहिनी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला आईबी पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला औषधि निरीक्षक, विशेष शाखा पुलिस पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।