मैथिली पत्रकारिता को मिला नया शोध आयाम: ‘मिथिला मिरर’ के संपादक ललित नारायण झा को पी-एच.डी. की उपाधि
मैथिली पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार एवं मिथिला मिरर के संस्थापक-संपादक ललित नारायण झा को पी-एच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया है। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के मैथिली विभाग में शनिवार को संपन्न हुई मौखिकी (वाइवा-वोसे) परीक्षा के सफल उपरांत विश्वविद्यालय ने उन्हें “समकालीन मैथिली पत्रकारिताक दशा ओ दिशा” विषय पर किए गए शोध के लिए पी-एच.डी. प्रदान करने की स्वीकृति दी। इसके पश्चात 28 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के उप परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेश पासवान ने उन्हें औपचारिक रूप से पी-एच.डी. की उपाधि प्रदान की।
समकालीन मैथिली पत्रकारिता पर गंभीर शोध
ललित नारायण झा का शोध-प्रबंध समकालीन मैथिली पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, विकास-क्रम, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित है। विश्वविद्यालय के विभिन्न प्राध्यापकों ने शोध-प्रबंध का मूल्यांकन करते हुए इसे विषय की दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण, तथ्यपरक और शोधपरक कृति बताया। उनका मत है कि यह अध्ययन न केवल मैथिली पत्रकारिता के विकास-इतिहास को व्यवस्थित रूप से सामने लाता है, बल्कि वर्तमान दौर की पत्रकारिता में हो रहे परिवर्तनों का भी गंभीर विश्लेषण प्रस्तुत करता है।
शिक्षकों के अनुसार यह शोध भविष्य में मैथिली पत्रकारिता पर अनुसंधान करने वाले विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए एक महत्त्वपूर्ण संदर्भ सामग्री तथा मार्गदर्शक ग्रंथ के रूप में उपयोगी सिद्ध होगा।
प्रो. (डॉ.) नारायण झा के निर्देशन में पूरा हुआ शोध
यह शोधकार्य मैथिली विभाग के वरिष्ठ विद्वान प्रो. (डॉ.) नारायण झा के शोध-निर्देशन में संपन्न हुआ। शोध के दौरान समकालीन पत्रकारिता के विविध आयामों, डिजिटल परिवर्तन, भाषा, समाज और मीडिया के अंतर्संबंधों का व्यापक अध्ययन किया गया।
दो दशक से पत्रकारिता में सक्रिय
मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले के मैलाम गांव निवासी स्वर्गीय राजेन्द्र झा एवं स्वर्गीय निर्मला देवी के ज्येष्ठ पुत्र ललित नारायण झा पिछले लगभग दो दशकों से व्यावसायिक पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं। विशेष रूप से वे पिछले डेढ़ दशक से अधिक समय से मैथिली टेलीविजन तथा डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और इस क्षेत्र के प्रमुख हस्ताक्षरों में उनकी पहचान स्थापित हो चुकी है।
‘मिथिला मिरर’ ने दी डिजिटल पत्रकारिता को नई पहचान
ललित नारायण झा ने 15 अगस्त 2013 को राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली से ‘मिथिला मिरर’ की स्थापना की। मैथिली पत्रकारिता के इतिहास में इस पहल को डिजिटल एवं दृश्य-श्रव्य पत्रकारिता की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है। मिथिला मिरर ने मैथिली भाषा की पत्रकारिता को पारंपरिक प्रिंट माध्यमों से आगे बढ़ाकर डिजिटल मंचों तक पहुंचाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।
इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक व्यापक अनुभव
देश के विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करने के अतिरिक्त ललित नारायण झा भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया मॉनिटरिंग सेंटर (EMMC) में भी लगभग एक दशक तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। समाचार संकलन, रिपोर्टिंग, लेखन, संपादन, एंकरिंग, वीडियो पत्रकारिता, डिजिटल मीडिया प्रबंधन तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया सहित पत्रकारिता की लगभग सभी प्रमुख विधाओं में उन्हें व्यापक व्यावसायिक अनुभव प्राप्त है।
शुभकामनाओं का लगा तांता
पी-एच.डी. की इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से उन्हें लगातार बधाइयां एवं शुभकामनाएं प्राप्त हो रही हैं। मैथिली के वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. भीमनाथ झा, प्रो. अरुण कुमार कर्ण, प्रो. (डॉ.) नारायण झा, प्रो. दमन कुमार झा, प्रो. अशोक कुमार मेहता, डॉ. सुरेश पासवान, डॉ. शैलेन्द्र मोहन मिश्र, वरिष्ठ पत्रकार विजय देव झा, कुन्दन कुमार मिश्र, प्रवीण झा सहित अनेक साहित्यकारों, पत्रकारों, शिक्षाविदों एवं मैथिली समाज के प्रबुद्धजनों ने उन्हें इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मैथिली भाषा और पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि यह उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि समकालीन मैथिली पत्रकारिता के अकादमिक अध्ययन को नई दिशा देने वाली उपलब्धि भी है।