भारतीय जनता पार्टी की ओर से आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर रानीगंज नगर में जिला स्तरीय परिचर्चा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की महत्वपूर्ण घटना बताते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों, संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर चर्चा की।
अररिया। जिले के रानीगंज नगर में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला स्तरीय परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन जिला महामंत्री कृष्ण कुमार सेनानी के मीटिंग हॉल में किया गया। परिचर्चा की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल के दौरान देश की राजनीतिक परिस्थितियों, नागरिक अधिकारों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका पर विचार रखे। भाजपा जिला अध्यक्ष आदित्य नारायण झा ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है। उन्होंने आपातकाल को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चुनौती बताते हुए कहा कि उस समय नागरिक अधिकारों और प्रेस की स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ा था।
उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान कई राजनीतिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार किया गया था। साथ ही प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई थी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संविधान में दिए गए अधिकारों और संस्थाओं की रक्षा आवश्यक है।
लोकतांत्रिक अधिकारों और संघर्ष को किया याद
जिला महामंत्री कृष्ण कुमार सेनानी ने कहा कि आपातकाल के दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को याद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को देश के राजनीतिक इतिहास की जानकारी होना जरूरी है, ताकि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में उनकी भूमिका सुनिश्चित हो सके।
महिला मोर्चा की जिला उपाध्यक्ष सह पूर्व जिला पार्षद पूनम देवी ने कहा कि आपातकाल के समय आम जनता को कई कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए नागरिकों की जागरूकता जरूरी है।
पूर्व जिला महामंत्री परमानंद मलिक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता की भागीदारी और जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी निभाने की बात कही।
कार्यक्रम में कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रखे विचार
परिचर्चा में जदयू के अनुसूचित मोर्चा प्रदेश सचिव मिथिलेश ऋषिदेव, रानीगंज नगर अध्यक्ष आलोक भारती सुमन, ग्रामीण अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार, पूर्व प्रमुख उमेश मिश्रा, संजय झा, बिजली देवी, रूना देवी सहित अन्य लोगों ने अपने विचार रखे।
वक्ताओं ने आपातकाल के दौर में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए किए गए संघर्षों का उल्लेख किया। कार्यक्रम के दौरान लोकतंत्र सेनानियों के योगदान को याद किया गया और लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहने का संकल्प लिया गया।
आयोजित परिचर्चा में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के माध्यम से आपातकाल के ऐतिहासिक संदर्भों और लोकतंत्र की भूमिका पर चर्चा की गई।