सहरसा, सुपौल और मधेपुरा में चल रहे “नशा मुक्त कोसी” अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरवरी 2026 से अब तक तीनों जिलों में कार्रवाई करते हुए 1638 नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अभियान के दौरान अवैध शराब, गांजा, स्मैक और कफ सिरप समेत बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।
सहरसा: सहरसा, सुपौल और मधेपुरा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। “नशा मुक्त कोसी” अभियान के तहत तीनों जिलों की पुलिस ने फरवरी 2026 से अब तक बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। अभियान के दौरान कुल 1638 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
पुलिस कार्रवाई के दौरान 57,878 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद की गई। इसके अलावा 4,870 किलो से अधिक गांजा, 6.75 किलो स्मैक और 2,384 लीटर कफ सिरप भी जब्त किया गया है। इन आंकड़ों से साफ है कि नशे के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने लगातार अभियान चलाया है।
कार्रवाई केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों और हथियारों को भी जब्त किया है। इसके साथ ही अभियान के दौरान 55.53 लाख रुपये से अधिक भारतीय मुद्रा भी बरामद की गई है। पुलिस अब इन मामलों में तस्करी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
नशा मुक्त कोसी अभियान का उद्देश्य कोसी क्षेत्र में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर प्रभावी रोक लगाना है। इसके लिए पुलिस स्तर पर लगातार छापेमारी, गिरफ्तारी और जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। शराब, गांजा, स्मैक और कफ सिरप की तस्करी से जुड़े मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ अवैध कारोबार के स्रोत और नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश भी की जा रही है।
वहीं, अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और एसएसबी जवानों को भी सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर कोसी क्षेत्र के डीआईजी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और एसएसबी जवानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। तीनों जिलों में अभियान के तहत संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी और कार्रवाई को और तेज करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सहरसा से विकास कुमार की रिपोर्ट।