समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार में शुक्रवार को जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार में जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की 84 शिकायतों और आवेदनों की सुनवाई की गई। जिला पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को सभी मामलों का नियमानुसार, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया।
अररिया, 14 अगस्त 2026। अररिया में आम लोगों की समस्याओं को सीधे सुनने और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई के लिए शुक्रवार को जनता दरबार आयोजित किया गया। बिहार सरकार के सात निश्चय-3.0 के तहत संचालित ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ कार्यक्रम के अंतर्गत समाहरणालय परिसर स्थित परमान सभागार में हुए जनता दरबार की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की।
जनता दरबार में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से पहुंचे लोगों ने भूमि विवाद, पंचायत योजनाओं, अतिक्रमण, आंगनबाड़ी सेविका के चयन, फर्जी दस्तावेज और विकास योजनाओं से जुड़ी शिकायतें जिला पदाधिकारी के समक्ष रखीं। इस दौरान कुल 84 मामलों की सुनवाई की गई।
जनता दरबार में रानीगंज के देवीगंज निवासी रीता देवी ने भू-दान के कारण रोक सूची में शामिल भूमि को मुक्त कराने के संबंध में आवेदन दिया। वहीं रानीगंज के फरकिया निवासी प्रीतम कुमार ने ग्राम पंचायत फरकिया में संचालित पंचायत योजनाओं में वित्तीय और अन्य अनियमितताओं की स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की।
फारबिसगंज के झिरवा पुरवारी निवासी कमालद्दीन ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के तहत निर्माण कराने को लेकर आवेदन दिया। कुर्साकांटा के डुमरिया निवासी मनोज शाह ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग रखी।
भरगामा के धनेश्वरी निवासी गुंजन देवी ने धनेश्वरी पंचायत में आंगनबाड़ी सेविका के चयन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई। वहीं नरपतगंज के देवीगंज निवासी ज्योति मिश्रा ने फर्जी रजिस्ट्री और जाली हस्ताक्षर के माध्यम से दस्तावेजों में हेरफेर किए जाने का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया।
इसके अलावा मो. नैयर आलम, प्रमोद शाह, तुलाई मंडल, बसंत लाल यादव और दयानंद मेहता समेत कई लोगों ने अपनी-अपनी समस्याओं से जिला पदाधिकारी को अवगत कराया।
जनता दरबार में जिला पदाधिकारी ने लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए आवेदन अग्रसारित किए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार और निर्धारित समय-सीमा के भीतर निष्पादन किया जाए।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि जनता दरबार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को सीधे प्रशासन तक पहुंचाना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करना है। अब शिकायतों के निष्पादन की जिम्मेदारी संबंधित विभागों और अधिकारियों पर होगी। लोगों को उम्मीद है कि जनता दरबार में दिए गए आवेदनों पर तय समय-सीमा में कार्रवाई होगी और लंबित समस्याओं का समाधान निकलेगा।