पश्चिम बंगाल चुनाव में योगदान पर आलोक कुमार भगत सम्मानित
अररिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान प्रवासी कार्यकर्ता के रूप में किए गए कार्य, संगठन के प्रति निष्ठा और समर्पण के लिए आलोक कुमार भगत को भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल द्वारा प्रशंसा-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने इसे अपने लिए गौरवपूर्ण और भावुक क्षण बताया।
अररिया। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान प्रवासी कार्यकर्ता के रूप में संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन करने वाले आलोक कुमार भगत को भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल की ओर से प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान चुनावी अभियान के दौरान उनके प्रयासों, निष्ठा, अनुशासन और संगठन के प्रति समर्पित कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
भारतीय जनता पार्टी, पश्चिम बंगाल द्वारा जारी प्रशंसा-पत्र में चुनावी अभियान के दौरान किए गए योगदान की सराहना करते हुए उनके संगठनात्मक कार्यों की प्रशंसा की गई। सम्मान मिलने के बाद राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और इसे उनके निरंतर सक्रिय योगदान का परिणाम बताया।
सम्मान प्राप्त करने के बाद आलोक कुमार भगत ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए अत्यंत गौरव और भावुक करने वाला क्षण है। उन्होंने कहा कि संगठन द्वारा मिला यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उन सभी कार्यकर्ताओं के समर्पण का सम्मान है जो संगठन की विचारधारा और जनसेवा के उद्देश्य से निरंतर कार्य करते हैं।
उन्होंने शीर्ष नेतृत्व और संगठन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस आत्मीय सम्मान एवं प्रोत्साहन के लिए वह हृदयतल से धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। उनके अनुसार संगठन द्वारा व्यक्त किया गया यह विश्वास उन्हें राष्ट्रहित, संगठन-हित और जनसेवा के मार्ग पर पहले से अधिक ऊर्जा, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देगा।
आलोक कुमार भगत ने कहा कि संगठन द्वारा सौंपा गया प्रत्येक दायित्व उनके लिए राष्ट्रसेवा का एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने भविष्य में भी संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने तथा जनहित से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनावी अभियानों में प्रवासी कार्यकर्ताओं की भूमिका संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मानित किए जाने से कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता है तथा संगठन के प्रति समर्पण और सक्रियता को नई प्रेरणा मिलती है।
अररिया से राजीव रंजन की रिपोर्ट।