अररिया के जोगबनी स्थित आईसीपी परिसर में भारत-नेपाल सीमा जिला समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण के लिए संयुक्त रणनीति अपनाने पर सहमति जताई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की, जबकि नेपाल के मोरंग और सुनसरी जिलों के मुख्य जिला अधिकारी सहित पुलिस एवं सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अवैध हथियार, गोला-बारूद, नशीले पदार्थ, शराब, पशु एवं उर्वरक की तस्करी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी और समन्वित कार्रवाई पर जोर दिया गया। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने माना कि सीमा पार अपराध को रोकने के लिए सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान और संयुक्त अभियान आवश्यक हैं।
सीमा सुरक्षा और आपराधिक गतिविधियों पर फोकस
जिला पदाधिकारी ने उग्रवाद, आतंकवाद, तस्करी, धार्मिक कट्टरवाद और निर्जन भूमि पर अतिक्रमण जैसी चुनौतियों पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से निपटने के लिए नियमित अंतराल पर इस तरह की बैठकों का आयोजन जरूरी है। पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार ने शराबबंदी के संदर्भ में सीमा पार से हो रही अवैध शराब की तस्करी को गंभीर मुद्दा बताते हुए नेपाली पक्ष से सहयोग की अपेक्षा जताई।
संयुक्त कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर समन्वय
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि थाना स्तर पर साप्ताहिक समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर सूचना साझा करने की प्रक्रिया मजबूत हो सके। साथ ही, संदिग्ध अपराधियों के बारे में गोपनीय जानकारी साझा करने, संयुक्त तलाशी अभियान और विशेष जांच अभियान चलाने पर भी सहमति बनी।
नेपाल के प्रतिनिधियों ने भारतीय प्रशासन के सहयोग और आतिथ्य के लिए आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इस प्रकार के समन्वित प्रयास जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक को सीमा क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।