छात्र जीवन में तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव, ध्यान और आत्म-प्रबंधन को बताया सफलता की कुंजी
अररिया, 13 मार्च 2026। राजकीय पॉलिटेक्निक अररिया में विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, अररिया के एजुकेशन विंग तथा बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की “नई उम्मीद: एक बेहतर कल” योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। कार्यशाला का विषय “छात्र जीवन में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता: उज्ज्वल भविष्य के लिए सशक्त दिमाग” रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के प्राचार्य प्रभारी इं. अभिजीत कुमार के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों पर पढ़ाई, करियर और सामाजिक अपेक्षाओं का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मिक सशक्तिकरण अत्यंत आवश्यक हो गया है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को तनाव से निपटने, लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और जीवन में संतुलन बनाए रखने की प्रेरणा देती हैं।
राजयोग मेडिटेशन और सकारात्मक सोच पर जोर
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में राजयोगिनी बी.के. उर्मिला बहन और बी.के. भास्कर भाई ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने राजयोग मेडिटेशन, सकारात्मक सोच और आत्म-प्रबंधन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी नियमित ध्यान, अनुशासित दिनचर्या और सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो वे मानसिक तनाव और नकारात्मकता से आसानी से बाहर निकल सकते हैं।
वक्ताओं ने यह भी बताया कि ध्यान और आत्मचिंतन से न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि एकाग्रता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है, जो शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
योजना की सराहना, छात्रों की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम का संचालन डॉ. परमेंद्र कुमार मिश्रा ने किया। उन्होंने “नई उम्मीद: एक बेहतर कल” योजना की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए मानसिक स्वास्थ्य उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शैक्षणिक उपलब्धि।
कार्यक्रम में प्रो. राधा रमन सिंह, प्रो. पूजा कुमारी, प्रो. कोमल कुमारी, डॉ. टिंकू अली, प्रो. मिथुन रजक सहित अन्य शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से प्रश्न पूछे और ध्यान अभ्यास में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने इसे उपयोगी, प्रेरणादायक और मार्गदर्शक बताया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन प्रो. अरुण कुमार ने किया।