जब भक्ति और ज्ञान एक मंच पर मिलें, तो माहौल सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, बल्कि जीवन बदलने वाला बन जाता है…
पलासी/अररिया। प्रखंड अंतर्गत पिपरा बिजवार पंचायत के निराकोल वार्ड संख्या 14 (कानखुदिया) में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संतमत सत्संग का 16वां वार्षिक अधिवेशन सोमवार को भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हो गया। अंतिम दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।
भक्ति में डूबा रहा पूरा क्षेत्र
अधिवेशन के अंतिम दिन दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लेकर आत्मिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। पूरे आयोजन स्थल पर भजन-कीर्तन और प्रवचनों की गूंज सुनाई देती रही, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने संतों के मार्गदर्शन में ध्यान और साधना कर आत्मज्ञान की अनुभूति की।
संतों के प्रवचनों ने दिया आत्मज्ञान का संदेश
कार्यक्रम में महर्षिमेही योग आश्रम, बैजनाथपुर (सहरसा) से पधारे आचार्य महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज ने अपने प्रवचनों में भक्ति, सदाचार और आत्मज्ञान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सत्संग के माध्यम से ही मनुष्य अपने जीवन को सही दिशा दे सकता है। अन्य संतों और विद्वानों ने भी अपने विचार रखे, जिससे उपस्थित श्रद्धालु प्रेरित हुए।
अतिथियों ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम में मुखिया रामप्रसाद चौधरी, पैक्स अध्यक्ष राजकपूर राही, पूर्व चेयरमैन दयानंद चौधरी और समाजसेवी विनोद शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सत्संग से समाज में नैतिक मूल्यों और आपसी भाईचारे को बढ़ावा मिलता है। आयोजन समिति ने बताया कि सत्संग का उद्देश्य समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाना है, जो इस बार भी सफल रहा।
