ब्रह्ममुहूर्त से आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने का संदेश, समस्तीपुर में विशेष परिचर्चा

ब्रह्ममुहूर्त में जागकर परमात्मा का स्मरण और दिनभर मर्यादित जीवन—यही है आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने का सूत्र, समस्तीपुर में आयोजित कार्यक्रम में दिया गया संदेश।

समस्तीपुर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में आध्यात्मिक शक्तियों को बढ़ाने के विषय पर विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय आबू रोड से पहुंचीं वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका और महिला प्रभाग की नेशनल कोऑर्डिनेटर राजयोगिनी शारदा दीदी ने उपस्थित लोगों को आध्यात्मिक जीवन की महत्ता और उसे व्यवहार में उतारने के तरीके बताए। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

ब्रह्ममुहूर्त में साधना से बढ़ती है आत्मिक ऊर्जा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजयोगिनी शारदा दीदी ने कहा कि आध्यात्मिक शक्ति बढ़ाने के लिए नियमित दिनचर्या और सकारात्मक सोच सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि दिन की शुरुआत ब्रह्ममुहूर्त में सुबह चार बजे परमात्मा का स्मरण करते हुए करनी चाहिए। इस समय मन और बुद्धि को परमात्मा से जोड़ने से भीतर नई ऊर्जा और शांति का संचार होता है।

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन सुबह चार से पांच बजे तक एक घंटे का राजयोग अभ्यास व्यक्ति को मानसिक स्थिरता और आत्मिक शक्ति प्रदान करता है। इसके बाद आध्यात्मिक केंद्रों पर जाकर परमात्मा के महावाक्यों का श्रवण करना और जीवन में उन शिक्षाओं को अपनाना जरूरी है।

दिनभर कर्म करते हुए मर्यादाओं का पालन जरूरी

परिचर्चा में बताया गया कि आध्यात्मिक जीवन केवल ध्यान या साधना तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन के हर कार्य में मर्यादा और सकारात्मकता का पालन करना भी आवश्यक है। कार्य करते समय परमात्मा को साथ मानकर निमित्त भाव से कर्म करने से जीवन में संतुलन बना रहता है।

उन्होंने कहा कि दिनभर के कार्यों के बाद रात्रि में आत्ममंथन करना और पूरे दिन की गतिविधियों को परमात्मा के सामने सच्चे मन से साझा करना मन को हल्का और शांत करता है।

विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों सहभागी

कार्यक्रम के अंत में राजयोगिनी शारदा दीदी को चुनरी, फूलों का मुकुट और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सविता बहन, रंजना बहन, कुंदन बहन, सोनिका बहन और पूजा बहन सहित कई लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन कृष्ण भाई ने किया, जबकि ओम प्रकाश भाई ने गीत के माध्यम से भावांजलि प्रस्तुत की।

समारोह में समस्तीपुर, रोसड़ा, पटोरी, दलसिंहसराय, पूसा, मोहिउद्दीननगर और ताजपुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से तीन सौ से अधिक लोगों ने भाग लिया। रमेश चांदना, सतीश चांदना, निर्दोष, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. उपेंद्र और डॉ. दशरथ तिवारी समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

संजय कुमार सिंह की रिपोर्ट

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