12 अहम एजेंडों पर चर्चा से पहले पार्षदों में तीखी नोकझोंक, आउटसोर्सिंग के विरोध में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन
अररिया। नगर परिषद की सामान्य बोर्ड बैठक गुरुवार को तीखे विवाद और हंगामे के बीच स्थगित कर दी गई। बैठक में शहर के विकास से जुड़े 12 महत्वपूर्ण एजेंडों पर चर्चा प्रस्तावित थी, लेकिन पार्षदों के बीच मतभेद और सफाई कर्मियों के विरोध प्रदर्शन के कारण माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी।
बैठक की अध्यक्षता कार्यपालक पदाधिकारी चंद्रप्रकाश राज और मुख्य पार्षद विजय कुमार मिश्रा ने की। इस दौरान उपाध्यक्ष गौतम साह, सिटी मैनेजर अवध किशोर सिंह समेत कुल 29 में से 26 पार्षद मौजूद रहे। बैठक शुरू होते ही कई प्रस्तावों को लेकर पार्षदों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
बोर्ड के समर्थन में खड़े 12 पार्षदों ने शहर के विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया, जबकि 14 विरोधी पार्षदों ने एजेंडों पर पर्याप्त चर्चा और स्पष्टता की कमी का आरोप लगाते हुए आपत्ति जताई। बहस लगातार तीखी होती गई और कई बार माहौल गरमा गया। विरोधी पार्षदों का कहना था कि जल्दबाजी में लिए गए फैसले शहर के हित में नहीं होंगे।
12 अहम मुद्दों पर होनी थी चर्चा
बैठक के एजेंडा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट, विकास योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति, नए प्रोजेक्ट्स का चयन और विभिन्न वार्डों में साइन बोर्ड लगाने जैसे मुद्दे शामिल थे। इसके अलावा सफाई उपकरणों की खरीद, सड़कों का नामकरण, मुख्य सड़कों पर पोल लाइट और तिरंगा लाइट लगाने का प्रस्ताव भी रखा गया था।
डिजिटल स्क्रीन स्थापना, सैरात बंदोबस्ती, विज्ञापन नियमावली, निविदा के माध्यम से विज्ञापन कर की वसूली और एबीसी सेंटर की स्थापना जैसे विषय भी एजेंडा में शामिल थे। हालांकि पार्षदों के बीच बढ़ते विवाद के कारण इन प्रस्तावों पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी।
आउटसोर्सिंग के विरोध में सफाई कर्मियों का प्रदर्शन
इसी दौरान नगर परिषद परिसर में बड़ी संख्या में सफाई कर्मी एकत्र हो गए और सफाई कार्य आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंपने के प्रस्ताव का विरोध करने लगे। कर्मियों ने नारेबाजी करते हुए मांग उठाई कि पुरानी व्यवस्था को बहाल किया जाए और स्थानीय सफाई कर्मियों से ही काम लिया जाए।
विरोध कर रहे 14 पार्षदों ने भी सफाई कर्मियों का समर्थन किया, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। हंगामा बढ़ने के बाद अध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा ने बैठक को स्थगित करने की घोषणा कर दी।
बैठक स्थगित होने से नगर परिषद में राजनीतिक ध्रुवीकरण और कर्मचारी असंतोष खुलकर सामने आ गया है। सफाई व्यवस्था को लेकर जारी विवाद का असर शहर की स्वच्छता और विकास योजनाओं पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल अगली बैठक कब आयोजित होगी, इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही विवाद का समाधान निकालकर विकास कार्यों को गति दी जाएगी।
