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पाँच हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप, पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई कर दिया सस्पेंड
अररिया।
अररिया जिले के आरएस थाना में रिश्वतखोरी का मामला उजागर होने के बाद पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पदस्थापित मुंशी पी०टी०सी०/39 सुमित कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कदम जनता दरबार में प्राप्त शिकायत के आधार पर उठाया गया, जिससे पुलिस प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता का संदेश आमजन तक पहुँचा है।
प्रेस विज्ञप्ति संख्या-59/26 के अनुसार, दिनांक 10 फरवरी को आयोजित जनता दरबार में आवेदिका बीबी जूरती, पति मो० अय्यास, निवासी धामा वार्ड नं-06, थाना आरएस, जिला अररिया ने आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षियों द्वारा मारपीट कर घायल किए जाने के बाद जब उन्होंने थाना जाकर प्राथमिकी दर्ज कराने का अनुरोध किया, तो मुंशी सुमित कुमार ने एफआईआर दर्ज करने के एवज में पाँच हजार रुपये की मांग की। आवेदिका ने बताया कि पैसे नहीं देने पर उन्हें पाँच दिनों तक टालमटोल कर परेशान किया गया और प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
पुलिस अधीक्षक ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कराई। जांच में आरोप सही पाए गए और यह स्पष्ट हुआ कि मुंशी द्वारा कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही, मनमानी और भ्रष्टाचारपूर्ण आचरण किया गया है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियाँ पुलिस की छवि को धूमिल करती हैं और आमजन के विश्वास को कमजोर करती हैं।
कार्यालय से जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि पी०टी०सी०/39 सुमित कुमार को सामान्य जीवन यापन भत्ता पर निलंबित किया जाता है। साथ ही अररिया पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अनुशासनहीनता, दुर्व्यवहार, भ्रष्टाचार और आम नागरिकों के साथ अमर्यादित आचरण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। इस प्रकार के मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जाएगी और दोषी कर्मियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक की इस त्वरित कार्रवाई से आमजन में यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार और लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता दरबार में सीधे शिकायत दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित होना पुलिस-जन संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।