भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की सतर्कता से सोमवार को दो बांग्लादेशी नागरिकों को बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में प्रवेश करते हुए पकड़ा गया। दोनों को नियमित गश्ती के दौरान आमगाछी सीमा चौकी क्षेत्र से हिरासत में लिया गया। मामले में पूछताछ जारी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
अररिया। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 56वीं वाहिनी के जवानों ने नियमित गश्ती अभियान के दौरान बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के भारत में प्रवेश कर रहे दो बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। यह कार्रवाई आमगाछी सीमा चौकी क्षेत्र में की गई, जिसे सीमा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
एसएसबी से मिली जानकारी के अनुसार, 03 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11 बजे बी कंपनी, डूबाटोला अंतर्गत आमगाछी बीओपी के जवान सीमा स्तंभ संख्या-174 के समीप भारतीय सीमा में लगभग 20 मीटर अंदर स्थित सोनामनी गोदाम क्षेत्र में नियमित गश्ती कर रहे थे। गश्ती दल का नेतृत्व एएसआई/जीडी लालनुन माविया कर रहे थे। उनके साथ छह जवान मौजूद थे।
गश्ती के दौरान नेपाल की ओर से भारत में प्रवेश कर रहे दो संदिग्ध व्यक्तियों को रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ में उनकी पहचान रहमत अली (43 वर्ष), पिता अब्दुल बरेक तथा मो. जमाल हसन जिहाद (22 वर्ष), पिता मो. जमाल हुसैन मोल्ला, दोनों निवासी बिटारा, कचुआ, जिला चांदपुर, बांग्लादेश के रूप में हुई।
प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे नेपाल की राजधानी काठमांडू से बिना पासपोर्ट और वीजा के भारत में प्रवेश कर सिलीगुड़ी कॉरिडोर, पश्चिम बंगाल के रास्ते असम-बांग्लादेश सीमा होते हुए अपने देश लौटने की योजना बना रहे थे।
56वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, बथनाहा के द्वितीय कमान अधिकारी सह कमांडिंग अधिकारी नितिन गुप्ता ने बताया कि नियमित गश्ती के दौरान संदेह के आधार पर दोनों व्यक्तियों को रोका गया। पूछताछ में उनके बांग्लादेशी नागरिक होने की पुष्टि हुई। उन्होंने कहा कि मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए दोनों को सोनामनी गोदाम थाना के सुपुर्द किया जाएगा।
अररिया के एसडीपीओ सुशील कुमार ने भी दो बांग्लादेशी नागरिकों के पकड़े जाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि दोनों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने बिना वैध दस्तावेजों के सीमा पार करने का प्रयास किन परिस्थितियों में किया। मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अवैध आवाजाही रोकने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए नियमित गश्त और जांच अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
