नेपाल के तराई क्षेत्रों में हो रही लगातार बारिश के बाद बकरा नदी का जलस्तर बढ़ने से अररिया जिले के पलासी प्रखंड क्षेत्र में कटाव की समस्या गंभीर हो गई है। धर्मगंज से मेहरो चौक जाने वाली मुख्य सड़क पर कोठी घाट के पास तेजी से हो रहे कटाव के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा खतरे में आ गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटाव-रोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है।
पलासी/अररिया: अररिया जिले के पलासी प्रखंड क्षेत्र में बकरा नदी का कटाव लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। धर्मगंज से मेहरो चौक को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क पर कोठी घाट के समीप नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कटाव के कारण सड़क का लगभग एक चौथाई हिस्सा नदी की ओर धंस चुका है, जिससे सड़क के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ सड़क किनारे की मिट्टी लगातार कट रही है। स्थिति यह है कि सड़क का किनारा कमजोर होकर कभी भी टूट सकता है। यदि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया तो यह मार्ग पूरी तरह बाधित हो सकता है।
सड़क किनारे लगे दो बिजली के पोल भी कटाव की चपेट में आ गए हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि कटाव बढ़ने पर सड़क के साथ बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इससे आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हजारों लोगों की आवाजाही पर मंडराया संकट
धर्मगंज से मेहरो चौक को जोड़ने वाली यह सड़क आसपास के कई गांवों के लिए मुख्य संपर्क मार्ग है। इस रास्ते से प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र, किसान और मरीज आवाजाही करते हैं। सड़क टूटने की स्थिति में लोगों को लंबी दूरी का रास्ता अपनाना पड़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बकरा नदी का कटाव हर साल बारिश के मौसम में परेशानी पैदा करता है, लेकिन इस बार कटाव की रफ्तार अधिक दिखाई दे रही है। सड़क किनारे लगातार मिट्टी धंसने से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है।
ग्रामीण रविन्द्र सिंह, राजू सिंह, मो. कस्तूरी अली, पंकज कुमार, लालमोहर पासवान, अघौनु पासवान, मानिक सिंह, मिंटू सिंह, पंकज सिंह, नीरज सिंह, चंदन सिंह, पवन सिंह, अत्ताउल्लाह और सैफुल्लाह सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन ने कार्रवाई का दिया भरोसा
ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है। अनुमंडल पदाधिकारी बलवीर दास ने बताया कि कोठी घाट के पास हो रहे कटाव की जानकारी संबंधित विभाग को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल्द आवश्यक कटाव-रोधी कार्य शुरू कराने की पहल की जाएगी।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते नदी के कटाव को रोकने के लिए मजबूत कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है। इससे क्षेत्र के कई गांवों का संपर्क प्रभावित होने की संभावना है।
बरसात के मौसम में नदी किनारे बसे इलाकों में कटाव की समस्या लगातार सामने आती है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए, ताकि हर साल होने वाली परेशानी से राहत मिल सके।
पलासी/अररिया से दिलीप बिश्वास की रिपोर्ट।