अररिया। बढ़ती गर्मी, पर्यावरण असंतुलन और प्रदूषण की चुनौतियों के बीच अररिया वन विभाग ने सीमांचल क्षेत्र को हरा-भरा बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। रविवार को अररिया आरएस स्थित रहिकपुर सुरक्षित वन क्षेत्र में वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाकर एक ही दिन में 10 हजार से अधिक फलदार एवं छायादार पौधे लगाए गए। बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सह अररिया जिला प्रभारी मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने अभियान का शुभारंभ किया।
वन प्रमंडल पदाधिकारी चंचल प्रकाशम के संयोजन में आयोजित इस महाभियान के दौरान पूरा वन क्षेत्र ‘एक पेड़ मां के नाम’ के नारों से गूंजता रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी मंत्री ने स्वयं कदंब का पौधा लगाकर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां निःस्वार्थ भाव से बच्चों का पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार पेड़-पौधे मानव जीवन को ऑक्सीजन, छाया और पर्यावरणीय संतुलन प्रदान करते हैं। उन्होंने लोगों से मानसून के दौरान कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की।
वन विभाग ने इस अभियान में स्थानीय एवं पारंपरिक प्रजातियों को प्राथमिकता दी। महुआ, कटहल, जामुन और कदंब जैसे पौधों का रोपण कर क्षेत्र के प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने का प्रयास किया गया। मंत्री ने एसएसबी के जवानों के साथ मिलकर पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
वृक्षारोपण अभियान में समाज के विभिन्न वर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। मोहिनी देवी मेमोरियल स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और प्रधानाचार्य ने उत्साहपूर्वक पौधे लगाए। सशस्त्र सीमा बल के जवानों, बिहार पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मियों ने भी अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रतिनिधियों ने पर्यावरण संरक्षण की इस पहल की सराहना करते हुए प्रभारी मंत्री को स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों स्थानीय लोगों ने श्रमदान कर अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया।
वन प्रमंडल पदाधिकारी चंचल प्रकाशम ने बताया कि लगाए गए सभी 10 हजार पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। पौधों की सिंचाई के लिए आधुनिक ड्रिप इरिगेशन प्रणाली का उपयोग किया जाएगा तथा वनकर्मियों की टीम नियमित निगरानी करेगी। विभाग का लक्ष्य रहिकपुर वन क्षेत्र को विकसित कर आने वाले वर्षों में अररिया को एक प्रमुख हरित क्षेत्र और ऑक्सीजन हब के रूप में स्थापित करना है।
अररिया से राजीव सिंह की रिपोर्ट।