अररिया। समाहरणालय स्थित परमान सभागार में आयोजित जनता दरबार में 41 मामलों की सुनवाई की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी विनोद दूहन ने की। यह आयोजन राज्य सरकार की सात निश्चय-3 के अंतर्गत संचालित “सबका सम्मान–जीवन आसान” योजना के तहत हुआ, जिसका उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है।
जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे परिवादियों ने अपनी-अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। सुनवाई के दौरान भूमि विवाद, बैंक धोखाधड़ी, उज्ज्वला योजना की सब्सिडी नहीं मिलने, मानदेय भुगतान में देरी तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े आवेदन प्रमुख रूप से सामने आए।
सुनवाई के क्रम में मो. अकलीमुद्दीन ने निजी भूमि पर जबरन निर्माण किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। सोमी कुमारी ने शिशु देखभाल से जुड़ी समस्या उठाई। अनिल मंडल ने बैंक धोखाधड़ी का मामला रखा। जमुनी खातून ने उज्ज्वला योजना के तहत गैस एजेंसी की अनियमितता की शिकायत की। वहीं गंगा प्रसाद राम ने मानदेय भुगतान में हो रही देरी को लेकर आवेदन प्रस्तुत किया।
जिलाधिकारी ने सभी मामलों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को त्वरित जांच कर निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर आवेदन का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
उन्होंने कहा कि जनता दरबार आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करने का प्रभावी माध्यम है। इससे लोगों की समस्याएं बिना बिचौलियों के सीधे प्रशासन तक पहुंचती हैं और समाधान की प्रक्रिया तेज होती है।
प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रत्येक मामले की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराएं तथा शिकायतकर्ताओं को समाधान की जानकारी समय पर दें।
जनता दरबार में मौजूद लोगों ने अपनी बात सीधे जिलाधिकारी के समक्ष रखी, जिससे उन्हें त्वरित कार्रवाई का भरोसा मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता देखने को मिली, जिससे यह संकेत मिला कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन गंभीर है।
