प्रधानमंत्री सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना के तहत लंबित ऋण आवेदनों के शीघ्र निष्पादन को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी बैंकों को सात दिनों के भीतर लंबित ऋण आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही सोलर पैनल अधिष्ठापन में तेजी लाने और उद्योग विभाग की योजनाओं में लंबित मामलों के त्वरित निपटारे पर भी जोर दिया।
अररिया। प्रधानमंत्री सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना एवं उद्योग विभाग से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा को लेकर जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग, अग्रणी जिला प्रबंधक (एलडीएम), विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता तथा विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत जिले में सेक्शनवार हो रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि चालू माह में 15 नए सोलर प्लांट स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही जिले में अब तक कुल 55 सोलर प्लांट का अधिष्ठापन किया जा चुका है। समीक्षा में यह भी सामने आया कि चालू माह में योजना के तहत 424 ऋण आवेदन विभिन्न बैंकों को प्राप्त हुए, जिनमें से 228 आवेदन अब भी लंबित हैं।
लंबित आवेदनों की संख्या पर जिला पदाधिकारी ने सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि सात दिनों के भीतर सभी लंबित ऋण आवेदनों का निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
बिना वैध कारण आवेदन अस्वीकृत नहीं करने का निर्देश
बैठक में ऋण आवेदनों के अस्वीकृत होने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी आवेदन को बिना वैध एवं उचित कारण के अस्वीकृत नहीं किया जाए। उन्होंने कहा कि दो लाख रुपये तक के ऋण के लिए केवल बैंक खाते का विवरण, बिजली बिल तथा भूमि के स्वामित्व से संबंधित आवश्यक दस्तावेज ही पर्याप्त हैं। आवेदकों से अनावश्यक दस्तावेज या अतिरिक्त औपचारिकताओं की मांग नहीं की जानी चाहिए।
सोलर पैनल अधिष्ठापन में तेजी लाने के उद्देश्य से विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंताओं को प्रशाखावार निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने तथा कनीय विद्युत अभियंताओं की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान महलगांव एवं सिकटी क्षेत्र के कनीय विद्युत अभियंताओं की प्रगति अपेक्षाकृत संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आरोप पत्र गठित करने का निर्देश भी दिया गया।
PMFME योजना के लंबित भुगतान पर भी सख्ती
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिले को इस योजना के तहत 202 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला है, जिसके विरुद्ध 140 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। इनमें से 86 लाभार्थियों को ऋण का भुगतान किया गया है, जबकि 54 स्वीकृत लाभार्थियों को अब तक भुगतान नहीं मिल सका है।
इस पर जिला पदाधिकारी ने संबंधित बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि लंबित 54 मामलों में एक सप्ताह के भीतर ऋण भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचाना सभी संबंधित विभागों और बैंकों की संयुक्त जिम्मेदारी है।
बैठक में महाप्रबंधक उद्योग अनिल कुमार, अग्रणी जिला प्रबंधक इंदु शेखर, विद्युत कार्यपालक अभियंता गौरव कुमार एवं राजेश प्रियदर्शी, सभी सहायक अभियंता, कनीय विद्युत अभियंता तथा विभिन्न बैंकों के शाखा प्रबंधक और उनके प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अररिया से राजीव सिंह की रिपोर्ट।