अररिया में होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, अस्पताल और निजी नर्सिंग होमों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष अभियान शुरू किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर अग्नि सुरक्षा ऑडिट और कमियों का निराकरण नहीं करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सीलिंग सहित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अररिया। जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी होटल, लॉज, गेस्ट हाउस, अस्पताल, निजी नर्सिंग होम एवं अन्य सार्वजनिक संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान बिहार अग्निशमन सेवा अधिनियम, 2014 तथा बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली, 2021 के प्रावधानों के तहत संचालित किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य सार्वजनिक संस्थानों में अग्निकांड जैसी घटनाओं की रोकथाम तथा लोगों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। 
48 घंटे में ऑडिट कराने का निर्देश
अग्निशमन विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिन अस्पतालों, होटलों, लॉज और अन्य संस्थानों का अब तक अग्नि सुरक्षा ऑडिट नहीं हुआ है, उन्हें हर हाल में 48 घंटे के भीतर ऑडिट कराना होगा। संबंधित संस्थानों के संचालकों को ऑडिट टीम के साथ पूर्ण सहयोग करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन संस्थानों का ऑडिट पहले ही किया जा चुका है, उन्हें सात दिनों के भीतर चिन्हित कमियों को दूर करना होगा। यदि निर्धारित समयावधि में अग्नि सुरक्षा संबंधी मानकों का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार जिन संस्थानों का अभी तक ऑडिट नहीं हुआ है, उन्हें पहले 48 घंटे के भीतर ऑडिट कराने और उसके बाद एक सप्ताह के भीतर आवश्यक सुधार करने का अवसर दिया जाएगा। इसके पश्चात भी मानकों का पालन नहीं होने की स्थिति में अगले 15 दिनों का अंतिम अवसर प्रदान किया जाएगा। यदि इसके बावजूद भी अनुपालन नहीं होता है, तो संबंधित संस्थानों के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई शुरू करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
अभियान के तहत जिला अग्निशमन पदाधिकारी डॉ. अशोक कुमार प्रसाद ने फारबिसगंज स्थित सिटी हेल्थ हॉस्पिटल तथा जोगबनी स्थित भारत सिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया और अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्राप्त प्रतिवेदनों की नियमित समीक्षा की जाएगी और नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन केवल कानूनी दायित्व ही नहीं बल्कि मानव जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। सभी होटल, अस्पताल एवं सार्वजनिक संस्थानों के संचालकों से समयबद्ध तरीके से मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने तथा निरीक्षण दल को आवश्यक सहयोग देने की अपील की गई है।
जिला प्रशासन के अनुसार वर्तमान में अररिया जिले में 12 अग्निशमन वाहन सक्रिय रूप से उपलब्ध हैं। इसके अलावा अग्निशमन पदाधिकारियों एवं अग्निकर्मियों सहित कुल 70 कर्मी आपदा और अग्निकांड जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए तैनात हैं। प्रशासन का कहना है कि जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अभियान की लगातार निगरानी की जाएगी।