कटिहार में मौसम का कहर, 200 एकड़ फसल बर्बाद, किसानों के सपने चकनाचूर

तेज बारिश और आंधी से मक्का और गेहूं की फसल तबाह, मुआवजे की मांग तेज

कटिहार: सीमांचल के प्रमुख कृषि क्षेत्र कटिहार में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। तेज बारिश और आंधी-तूफान के कारण जिले के दलन पूरब पंचायत में करीब 200 एकड़ में लगी मक्का और गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। घटना ऐसे समय हुई जब फसल कटाई के करीब थी, जिससे किसानों को भारी आर्थिक झटका लगा है।

मौसम की मार से खेतों में बिछी फसल

स्थानीय किसानों के अनुसार, कुछ दिन पहले तक खेतों में लहलहाती फसलें अब जमीन पर गिर चुकी हैं। तेज हवा और लगातार बारिश ने खड़ी फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। कटिहार, जिसे सीमांचल का “मकानचल” कहा जाता है, इस बार प्राकृतिक आपदा की मार से कराह उठा है। ग्रामीण इलाकों में हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं।

कर्ज और उम्मीदें दोनों टूटीं

किसान राजेश सिंह ने बताया कि बेहतर उत्पादन की उम्मीद में उन्होंने बीज, खाद और सिंचाई पर भारी खर्च किया था। वहीं किसान रविशंकर श्रवण ने कहा कि उन्होंने बेटी की शादी के लिए अच्छी फसल की उम्मीद की थी, लेकिन अब सब कुछ खत्म हो गया। किसान दिनेश ठाकुर के मुताबिक, कई किसानों ने बैंक से कर्ज लेकर खेती की थी, ऐसे में फसल नुकसान के बाद कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाएगा।

मुआवजे की मांग, राहत का इंतजार

फसल नुकसान के बाद किसानों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजे की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द राहत नहीं मिली तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति का आकलन किया जा रहा है, लेकिन किसानों की नजरें राहत पैकेज पर टिकी हुई हैं। सीमांचल का यह इलाका फिलहाल मौसम की मार से सहमा हुआ है और किसान भविष्य को लेकर चिंतित हैं।

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