मौसम की मार पर बोले आलोक भगत, किसानों के नुकसान पर जताई चिंता

अचानक बदले मौसम ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, प्रशासन से त्वरित सहायता की अपील

अररिया: जिले में अचानक बदले मौसम, तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। यह घटना कब और कैसे हुई—बीते 24 घंटों में मौसम के अचानक करवट लेने से जिले के कई प्रखंड प्रभावित हुए, जहां खड़ी फसलें बर्बाद हो गईं। इस आपदा ने किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर डाला है।

मौसम की मार से तबाह हुई फसलें

जिले के ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं और ओलावृष्टि के कारण गेहूं, मक्का और सब्जियों की फसलें व्यापक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। किसानों का कहना है कि फसल कटाई के ठीक पहले इस तरह की आपदा ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कई खेतों में फसलें जमीन पर गिर गई हैं, जिससे उत्पादन में भारी गिरावट की आशंका है।

प्रशासन से त्वरित राहत की मांग

बिहार राज्य उद्यमी आयोग के सदस्य आलोक भगत ने इस स्थिति पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह केवल फसल का नुकसान नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और उम्मीदों पर गहरा आघात है। उन्होंने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि प्रखंड स्तर पर तत्काल निर्देश जारी कर प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जाए। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार भी इस दिशा में जल्द आवश्यक घोषणाएं करेगी।

सतर्कता और भविष्य की तैयारी जरूरी

विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते मौसम के इस दौर में प्रशासन को पहले से सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की ठोस व्यवस्था करने की जरूरत है। किसानों के नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाना आवश्यक है। फिलहाल, प्रभावित किसान राहत और मुआवजे की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।

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