फसल सहायता योजना के तहत उपज आकलन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर जोर
अररिया: जिले में कृषि वर्ष 2025-26 के अंतर्गत रबी गेहूं फसल कटनी प्रयोग का आज जिलाधिकारी विनोद दूहन ने निरीक्षण किया। यह निरीक्षण अररिया प्रखंड के गैयारी पंचायत स्थित गैयारी राजस्व ग्राम में किया गया, जहां चयनित खेत में वैज्ञानिक पद्धति से कटनी प्रयोग संपन्न कराया गया। इस दौरान अधिकारियों ने उपज आकलन की प्रक्रिया की बारीकी से समीक्षा की और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।
कटनी प्रयोग की प्रक्रिया
फसल कटनी प्रयोग प्रत्येक पंचायत में पांच स्थानों पर आयोजित किया जाता है, जिसमें ग्राम और खेसरा का चयन रैंडम पद्धति से किया जाता है। सांख्यिकी विभाग के निर्धारित मानकों के अनुसार चयनित खेसरा में 10 मीटर गुणा 5 मीटर के आयताकार क्षेत्र में कटनी की जाती है। इसी आधार पर प्राप्त उत्पादन से प्रति हेक्टेयर उपज दर का अनुमान लगाया जाता है। इस प्रक्रिया की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारी मौके पर मौजूद रहते हैं।
उपज का आकलन और परिणाम
गैयारी ग्राम में किसान मो0 ताज उद्दीन के खेत में यह प्रयोग किया गया, जिसे किसान सलाहकार मो0 सूफीयान द्वारा संपादित किया गया। कटनी के दौरान 50 वर्ग मीटर क्षेत्र में हरे दाने का वजन 8 किलोग्राम 730 ग्राम दर्ज किया गया। इसके आधार पर अनुमानित उपज दर 17 क्विंटल 46 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर आंकी गई।
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सहित कई अधिकारी और किसान उपस्थित रहे। प्रशासन ने कहा कि इस तरह के प्रयोग से फसल उत्पादन के सही आंकड़े प्राप्त होते हैं, जो किसानों के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन में सहायक होते हैं।