पटना, 15 अप्रैल 2026: राज्य के नये मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद प्रशासनिक मशीनरी को सख्त और स्पष्ट संदेश देते हुए कार्यों की गति दुगुनी करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर कठोरता से अमल करने का निर्देश दिया। मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्तर पर कार्यों को लंबित रखने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यालय से लेकर प्रखंड, अंचल और थाना स्तर तक प्रशासन को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे केवल फाइलों के आदान-प्रदान तक सीमित न रहें, बल्कि जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करें।
प्रशासनिक गति और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में चल रही सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट तैयार करे और कार्यों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दुगुनी गति से काम करने पर ही समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है और इससे जनता का विश्वास भी मजबूत होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक तंत्र में अनुशासन और संवेदनशीलता दोनों का संतुलन आवश्यक है। अधिकारियों को जनता के साथ संवाद स्थापित कर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझना होगा और उनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना होगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
भ्रष्टाचार और भूमि विवाद पर सख्ती
मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि राज्य में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि पारदर्शिता और ईमानदारी से कार्य करना अनिवार्य है।
भूमि विवादों को राज्य में अधिकांश सामाजिक तनाव का कारण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 60 से 70 प्रतिशत विवाद भूमि से जुड़े होते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि संबंधित मामलों को सरल बनाया जाए और उनका शीघ्र निपटारा किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रखंड, अंचल और थाना स्तर पर आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिलनी चाहिए और उनकी समस्याओं का समय पर समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे जनता के हितों को सर्वोपरि रखते हुए कार्य करें।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्य के विकास के लिए पूर्व में किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया और कहा कि विभिन्न योजनाओं के माध्यम से बिहार ने प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाए हैं। उन्होंने कहा कि अब इन प्रयासों को और गति देने की आवश्यकता है, ताकि राज्य को विकसित और समृद्ध बनाया जा सके।
बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों से एकजुट होकर पूरी निष्ठा, अनुशासन और मेहनत के साथ कार्य करने का आह्वान किया।