भाजपा के जिला कार्यालय में किया गया झंडोत्तोलन
बेगूसराय। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में जिला भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष राजीव वर्मा के द्वारा झंडोतोलन किया गया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी का झंडा फहराकर संगठन की मजबूती और देश सेवा के संकल्प को दोहराया। इस मौके पर पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर विधायक कुंदन कुमार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। “भाजपा का मूल मंत्र ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ है, जिसे धरातल पर उतारने का कार्य निरंतर जारी है। वहीं, भाजपा जिला अध्यक्ष राजीव कुमार वर्मा ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण के बल पर भाजपा आज इस मुकाम पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि संगठन की जड़ें बूथ स्तर तक मजबूत है, जो पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है। “स्थापना दिवस हमें अपने मूल सिद्धांतों और राष्ट्र सेवा के संकल्प को याद दिलाता है। वरिष्ठ भाजपा नेता कृष्णमोहन पप्पू ने कहा कि यह दिन केवल एक संगठन के गठन का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा, समर्पण और विचारधारा के प्रति अटूट निष्ठा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक विचारकों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्श आज भी हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया। इस अवसर पर पूरे जिला कार्यालय को फूलों एवं लाइटों से सजाया गया एवं रंगोली भी बनाया गया। अंत में सभी कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। मौके पर भाजपा नेता कृष्णमोहन पप्पू, जिला महामंत्री राकेश पांडेय, कुंदन भारती, रामप्रवेश सहनी, जिला उपाध्यक्ष सुनील सिंह, सुनील मुन्ना, बेबी रजक, सुमित सन्नी, मृत्युंजय वीरेश, जिला मंत्री शुभम कुमार, संजना जायसवाल, जिला प्रवक्ता अमित कुमार, कार्यालय प्रभारी आलोक बंटी, सहकारिता प्रकोष्ठ के संयोजक छोटेलाल सिंह, महिला मोर्चा की ऋचा यादव, भाजपा नेता उमेश पासवान, राहुल कुमार, साकिब जया, राजेश कुशवाहा सहित अन्य मौजूद थे।
संवाददाता नन्दकिशोर दास की रिपोर्ट