अररिया में कार शोरूम चोरी कांड का खुलासा

चार दिन में SIT ने बरामद की दो नई नेक्सॉन कारें, तकनीकी जांच और छापेमारी से गैंग का भंडाफोड़

अररिया। शहर के महादेव चौक, पुराने बस स्टैंड के समीप स्थित टाटा कंपनी के शोरूम ‘कोसी कार्स’ में हुई हाई-प्रोफाइल कार चोरी की घटना का पुलिस ने महज चार दिनों में खुलासा कर दिया। इस दौरान दो नई टाटा नेक्सॉन कार समेत कुल तीन गाड़ियां चोरी कर ली गई थीं। चोर शोरूम का शटर तोड़कर अंदर घुसे थे और जाते-जाते CCTV DVR भी साथ ले गए थे, ताकि सबूत मिटाए जा सकें।

घटना 18 फरवरी 2026 को सामने आई थी। मामले में शोरूम मैनेजर हेमंत कुमार के आवेदन पर नगर थाना में कांड संख्या 85/2026 दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने इसे चुनौती के रूप में लेते हुए SIT (विशेष जांच दल) का गठन किया। टीम का नेतृत्व सदर SDPO सुशील कुमार को सौंपा गया।

SIT की सघन कार्रवाई, आरोपी गिरफ्तार

गठित SIT ने पारंपरिक जांच के साथ-साथ तकनीकी अनुसंधान का सहारा लिया। आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाले गए और संदिग्ध गतिविधियों का विश्लेषण किया गया। लगातार चार दिनों तक चली जांच के बाद पुलिस ने गिरोह के एक सदस्य को जोकीहाट थाना क्षेत्र के गिरडा गांव से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय मोहम्मद इरफान के रूप में हुई है। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने पूर्णिया जिले के बायसी थाना क्षेत्र अंतर्गत डगरूआ ओपी से एक नई नेक्सॉन कार बरामद की, जबकि दूसरी नई नेक्सॉन अररिया के कुसियार गांव से बरामद की गई।

वहीं, शोरूम के एक कर्मचारी की चोरी हुई नेक्सॉन कार घटना की सुबह ही शोरूम के पश्चिम एनएच किनारे लावारिश हालत में मिल गई थी।

कई थानों की संयुक्त टीम ने संभाली कमान

इस विशेष छापेमारी दल में DIU टीम, नगर थानाध्यक्ष मनीष कुमार रजक, जोकीहाट थानाध्यक्ष राजीव कुमार झा, आरएस थानाध्यक्ष अंकुर कुमार, बैरगाछी थानाध्यक्ष नवदीप कुमार गुप्ता, सब-इंस्पेक्टर राजनारायण यादव, अमरेंद्र सिंह, बीएसएपी-15 के जवान उदित कुमार और सुजीत कुमार समेत सशस्त्र बल शामिल थे।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बताया कि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। उन्होंने टीम के सभी सदस्यों को पुरस्कृत करने की घोषणा भी की।

टूटी उम्मीदें लौटीं, पुलिस का सम्मान

कार शोरूम से नई गाड़ियों की चोरी के बाद शोरूम मालिक और कर्मचारी बेहद निराश थे। उन्हें बरामदगी की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी। लेकिन पुलिस की सक्रियता ने न केवल गाड़ियां वापस दिलाईं, बल्कि भरोसा भी लौटाया।

बरामदगी के बाद सोमवार को शोरूम परिसर में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान शोरूम मालिक मनोज पटोदिया और मैनेजर हेमंत कुमार ने पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार, SDPO सुशील कुमार और पूरी SIT टीम को शॉल और बुके देकर सम्मानित किया।

मौके पर शोरूम मालिक ने कहा कि घटना के बाद वे पूरी तरह टूट चुके थे। उन्हें लगा था कि नई गाड़ियों की बरामदगी संभव नहीं है। लेकिन चार दिनों के भीतर पुलिस ने जिस तेजी और पेशेवर अंदाज में कार्रवाई की, वह उनकी कल्पना से परे है।

तकनीकी जांच बनी सफलता की कुंजी

इस पूरे प्रकरण में पुलिस की तकनीकी जांच, समन्वित कार्रवाई और तेज छापेमारी अहम साबित हुई। DVR ले जाने के बावजूद पुलिस ने अन्य स्रोतों से फुटेज और डिजिटल ट्रैकिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई।

यह मामला न सिर्फ अररिया पुलिस की कार्यशैली का उदाहरण बना है, बल्कि यह भी साबित करता है कि संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की रणनीति प्रभावी है।

चार दिनों में हुए इस खुलासे ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक संदेश दिया है। वहीं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में भी पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ा है।

फिलहाल, पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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