जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना और आंगन ऐप से केंद्रों के निरीक्षण समेत विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने 29 अगस्त 2026 तक सभी प्रमुख इंडिकेटरों में सुधार लाने और लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
अररिया: जिले में समेकित बाल विकास सेवाओं यानी ICDS के कामकाज को लेकर जिला स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने की। इस दौरान जिले में ICDS के तहत संचालित विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।
बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कविता कुमारी ने ICDS के अंतर्गत चल रही योजनाओं की जानकारी जिला पदाधिकारी को दी। इसमें पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना तथा आंगन ऐप के माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों के निरीक्षण समेत अन्य गतिविधियां शामिल रहीं।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने योजनाओं से जुड़े अलग-अलग इंडिकेटरों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि 29 अगस्त 2026 तक ICDS की रैंकिंग में अपेक्षित सुधार लाया जाए। इसके लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को निर्धारित इंडिकेटरों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में गृह भ्रमण, FRS, आभा ID और VHSND जैसे इंडिकेटरों की प्रगति पर भी जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए नियमित निगरानी और कार्यों की समय पर पूर्ति जरूरी है।
ICDS की रैंकिंग में सुधार को लेकर जिलाधिकारी ने जिला स्तर पर सभी इंडिकेटरों की लगातार समीक्षा करने का निर्देश दिया। साथ ही जिन क्षेत्रों में प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।
बैठक के दौरान लापरवाही बरतने वाले महिला पर्यवेक्षिका, सेविका और सहायिका के खिलाफ कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
ICDS के माध्यम से जिले में बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जाती हैं। ऐसे में इन योजनाओं का लाभ निर्धारित लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अब संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मियों के सामने 29 अगस्त तक विभिन्न इंडिकेटरों में सुधार और रैंकिंग बेहतर करने की चुनौती है। इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और योजनाओं की प्रगति पर नियमित नजर रखने की बात कही गई है।
अररिया से राजीव सिंह की रिपोर्ट।