अररिया में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अररिया समाहरणालय परिसर में जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार समेत जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। ध्वजारोहण के बाद डीएम ने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे हड़िया पंचायत के मदर टेरेसा कॉलोनी स्थित महादलित टोले में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए। 
अररिया, 15 अगस्त 2026: अररिया में 80वें स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में आयोजित किया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला पदाधिकारी विनोद दूहन ने समाहरणालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के दौरान पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार सहित जिले के सभी प्रमुख जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। तिरंगा फहराने के बाद राष्ट्रगान हुआ और उपस्थित लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी।
इस अवसर पर जिला पदाधिकारी ने जिलेवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और समर्पण को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए सभी लोगों को मिलकर काम करना जरूरी है।
समाहरणालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम के बाद जिला पदाधिकारी अनुमंडल कार्यालय परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने संविधान के मूल्यों, सामाजिक न्याय और समानता के महत्व को रेखांकित किया।
जिला पदाधिकारी ने कहा कि बाबा साहब का योगदान देश के सामाजिक और संवैधानिक विकास में महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने लोगों से संविधान के मूल्यों को मजबूत करने और समाज में समानता तथा सामाजिक न्याय की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की।
इसके बाद जिला पदाधिकारी हड़िया पंचायत के मदर टेरेसा कॉलोनी, वार्ड संख्या 12 स्थित महादलित टोला पहुंचे। यहां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्थानीय स्तर पर समारोह आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में स्थानीय बुजुर्ग गरभू ऋषिदेव ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
महादलित टोले में आयोजित कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी ने स्थानीय लोगों से बातचीत की और उन्हें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई और उनके बेहतर भविष्य पर परिवार तथा समाज को विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा बच्चों के भविष्य को मजबूत करने के साथ उन्हें अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाती है। इसलिए बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजने और उनकी पढ़ाई में सहयोग करने की जरूरत है।
स्वतंत्रता दिवस के इस कार्यक्रम में प्रशासनिक स्तर पर राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समानता और शिक्षा को लेकर संदेश दिया गया। समाहरणालय से लेकर महादलित टोले तक आयोजित कार्यक्रमों में स्वतंत्रता दिवस के महत्व और संविधान के मूल्यों को याद किया गया।
अररिया से संवाददाता की रिपोर्ट।
